इंदौर/दिल्ली।
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत के मामले ने अब संसद तक हलचल मचा दी है। इस गंभीर मुद्दे को लेकर लोकसभा में सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार से सीधे सवाल पूछे हैं और जवाबदेही तय करने की मांग की है। सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि इंदौर में लगातार हो रही मौतें केवल एक स्थानीय हादसा नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही का गंभीर उदाहरण हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इन मौतों की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। क्या इसकी पूरी जिम्मेदारी सिर्फ राज्य सरकार पर डाली जाएगी या फिर केंद्र सरकार भी अपनी भूमिका से बच नहीं सकती? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इस मामले में जल शक्ति मंत्रालय ने संज्ञान लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार से कोई जवाब तलब किया है। साथ ही सांसद ने यह जानना चाहा कि राज्य सरकार ने दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर केंद्र को कोई रिपोर्ट सौंपी है या नहीं। सांसद ने संसद में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा की कमी के कारण लोगों की जान जाना बेहद चिंताजनक है और इस पर जवाबदेही तय होना जरूरी है। इमरान प्रतापगढ़ी के सवालों के बाद अब सरकार के जवाब पर सभी की निगाहें टिकी हैं कि आखिर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर क्या कार्रवाई की जाएगी और जिम्मेदारों पर कब तक कार्रवाई होगी।