इंदौर। 
चंदन नगर क्षेत्र की कुछ गलियों के नाम बदलकर बोर्ड लगाने का मामला गरमा गया। हिंदू संगठन, पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय और कई भाजपा नेताओं ने विरोध जताया। हिंदू संगठन ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से शिकायत की कि चंदन नगर में कई स्थानों की हिंदू नाम की पहचान होने के बावजूद मुस्लिम नाम और पहचान के बोर्ड लग गए हैं। भार्गव ने इस पर एक्शन के निर्देश दिए और नगर निगम (Indore Municipal Corporation action) अमले ने कुछ देर में निगम ने बोर्ड उखाड़ दिए।
पार्षद पर लगे आरोप
चंदू वाला रोड रातोंरात गौसिया रोड हो गया और लोहा गेट का नाम रजा गेट कर दिया गया। इसी तरह मिश्रा रोड को ख्वाजा रोड और आम वाला रोड को हुसैन रोड बताने वाला बोर्ड लगा दिया गया। आरोप है कि पार्षद ने बगैर महापौर परिषद की अनुमति के न सिर्फ क्षेत्र की सड़कों के नाम बदले, बल्कि नए नामों के बोर्ड भी लगवा दिए। माहौल गरमाता देख महापौर तुरंत एक्शन में आ गए।
अफसरों का दावा उन्होंने नहीं लगाए
अफसरों का दावा था कि इन्हें नगर निगम ने नहीं लगाए हैं, बल्कि किसी ने निगम के बोर्ड की तरह नजर आने वाले बोर्ड लगा दिए। इस पर भार्गव ने अधिकारियों को डपटा कि कोई भी बोर्ड लगा देगा और आप अनजान बने रहेंगे। भार्गव ने संबंधित वार्ड के पार्षद के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए।
निगम में दर्ज आधिकारिक नामों के बजाय नए नाम के बोर्ड लगाने का आरोप
मालूम हो, इंदौर की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाले चंदन नगर (Chandan Nagar name changed as raza gate) में कांग्रेस की पार्षद फातेमा रफीक खान हैं। आरोप है कि निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज नामों की जगह नए नामों के बोर्ड लगवाए। इस मामले में किसी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और अचानक नाम परिवर्तन कर बोर्ड लगा दिए गए। महापौर ने स्थानीय पार्षद पर भी अवैधानिक तरीके से नाम परिवर्तन कर बोर्ड लगाने का आरोप लगाया।