वर्धा: महाराष्ट्र के वर्धा जिले में मुंबई-नागपुर समृद्धि एक्सप्रेसवे पर सोमवार तड़के एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना घटित हो गई। विरुल गांव के समीप तड़के लगभग 3 बजे मार्ग पर खड़ी एक कार को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहनों में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार 4 यात्रियों और ट्रक चालक सहित 2 लोगों की मौके पर ही झुलसने से अकाल मौत हो गई।

समृद्धि एक्सप्रेसवे पर भीषण भिड़ंत और बचाव कार्य

घटना की सूचना मिलते ही हाईवे सेफ्टी पेट्रोल, वर्धा जिला पुलिस प्रशासन, फायर ब्रिगेड और महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम की संयुक्त टीमें तत्काल मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों के अनुसार सड़क पर एक लेन चालू थी, उसी दौरान खड़ी कार में पीछे से आए ट्रक की टक्कर के बाद दोनों गाड़ियाँ आग के गोले में तब्दील हो गईं। राहत और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और क्षतिग्रस्त वाहनों से शवों को बाहर निकाला।

यातायात में बदलाव और वैकल्पिक मार्ग की एडवाइजरी

हादसे के बाद मुंबई-नागपुर कैरिजवे पर सुरक्षा कारणों से यातायात प्रभावित हो गया, जिससे मार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए नागपुर से मुंबई की ओर जाने वाले चालकों के लिए परामर्श जारी किया है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे वर्धा तक समृद्धि एक्सप्रेसवे के बजाय नागपुर-अमरावती हाईवे का प्रयोग करें और अमरावती गेट इंटरचेंज से पुनः एक्सप्रेसवे पर आएं।

समृद्धि एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसों का चिंताजनक आंकड़ा

हाइवे पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार समृद्धि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। वर्ष 2025 के दौरान इस मार्ग पर कुल 185 सड़क हादसे दर्ज किए गए, जो कि उससे पूर्व के वर्ष की तुलना में करीब 35 प्रतिशत अधिक हैं। विदर्भ क्षेत्र को देश की आर्थिक राजधानी से जोड़ने वाले इस 701 किलोमीटर लंबे छह-लेन मार्ग पर वाहनों की तेज गति और लापरवाही लगातार जानलेवा साबित हो रही है।

सुरक्षा तंत्र और इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम की तैयारी

मार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को रोकने और निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रशासन द्वारा कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से पूरे समृद्धि एक्सप्रेसवे पर आधुनिक इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को लागू करने की प्रक्रिया जारी है। इस तकनीक के पूर्ण रूप से सक्रिय होने के बाद तेज रफ्तार वाहनों और अनधिकृत रूप से खड़े वाहनों पर कड़ाई से अंकुश लगाया जा सकेगा।