मालकिन के भरोसे का किया कत्ल, किराएदार ने सिम कार्ड से खेला शातिर खेल
साइबर ठग ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं. कभी वह कंपनी के एमडी बनकर लोगों को ठग रहे हैं तो पुलिस बैंक मैनेजर बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं. अब झारखंड के रांची में एक शख्स पहले एक घर में किराएदार बना और फिर उसी के मकान मालकिन को ठग लिया. साइबर ठगी करने वाला ये शख्स कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है.
पहले ठग ने मकान मालकिन के मोबाइल फोन से धोखे से उनका सिम कार्ड निकाल लिया फिर ब्लैक सिम इसमें डाल दिया. ताकि उन्हें शक न हो. इसके बाद इस सिम का इस्तेमाल कर उसने अकाउंट बनाया और अलग-अलग कॉमन सर्विस प्रोवाइडर सीसी संचालकों के स्कैनर के जरिए अलग-अलग किस्तों में 2 जून 2025 से लेकर 15 जून 2025 के बीच लगभग 1.88 लाख रुपए निकाल लिए.
साइबर थाने में FIR दर्ज कराई
पीड़ित मकान मालकिन अनिमा तिग्गा घर में किराएदार के रूप में रहते हुए कंप्यूटर इंजीनियरिंग के छात्र अभिषेक कुमार ने इस ठगी को अंजाम दिया. पुंदाग ओपी क्षेत्र के दीपाटोली की रहने वाली अनिमा तिग्गा ने अपने साथ हुई इस ठगी को लेकर 21 जून 2025 को रांची के साइबर थाने में FIR दर्ज कराई और बताया कि उनके अकाउंट से 2 जून 2025 से लेकर 15 जून 2025 के बीच PNB, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, SBI और पीएनबी क्रेडिट कार्ड मिलाकर कुल 1,88,000 रुपए ट्रांसफर किए गए.
इस तरह निकाले खाते से पैसे
मामले की जांच में जुटी पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए उनके घर में ही किराए पर रहने वाले अभिषेक कुमार नाम के छात्र को गिरफ्तार किया. आरोपी बिहार के वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र के सदापुर के रहने वाला है. उसने ही शातिराना तरीके से पहले अपनी मकान मालकिन के मोबाइल फोन से धोखे से उनका सिम कार्ड निकाला. फिर ब्लैक सिम उसमें डाल दिया, फिर रियल सिम कार्ड का इस्तेमाल कर यूपीआई अकाउंट बनाया. इसके बाद अलग-अलग कॉमन सर्विस प्रोवाइडर संचालकों के स्कैनर के जरिए पैसे निकाल लिए. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. उसके पास से चार मोबाइल बरामद किए गए हैं.

Saharsa की लापता पांच लड़कियां Lucknow से सकुशल बरामद
जादू-टोने के शक में युवक ने की बुजुर्ग महिला की हत्या
रंजिश की आग में सुलगा इलाका, गोलीबारी में चार घायल