मध्यप्रदेश में हाईटेक बस सेवा शुरू
- सरकारी कंपनी निजी ऑपरेटरों के मार्फत करेगी संचालन
- इंदौर-उज्जैन से शुरुआत
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा फिर से शुरू करने के लिए परिवहन विभाग की तरफ से प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। प्रदेश में एक राज्य स्तरीय कंपनी और छह संभागीय कंपनियां बसों का संचालन करेगी। सबसे पहले बसों का संचालन इंदौर और उज्जैन से किया जाएगा। परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट में आज चर्चा हो सकती है। मध्य प्रदेश में सरकारी यात्री बस सेवा का संचालन कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। इसको लेकर परिवहन विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसको कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। इससे पहले परिवहन विभाग ने संबंधित अन्य विभागों से यात्री परिवहन बस संचालन को लेकर राय ली। इसमें शहरी विकास विभागऔर विधि विभाग ने अपनी राय दे दी है। इसके तहत एक राज्य स्तर की कंपनी बनाई जाएगी। जिसके अंतर्गत छह संभागीय कंपनी होगी। ये कंपनियां हाईटेक बसों का प्रदेश में संचालन करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में लोक परिवहन को लेकर परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।
यात्री परिवहन सेवा के प्रस्ताव को सभी अनुमति मिलने के बाद इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। कंपनी गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद बसों का संचालन सबसे पहले इंदौर-उज्जैन से किया जाएगा। इसका कारण इन मार्गों पर यात्री संख्या अधिक होना है। इसके बाद धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में बसों का संचालन किया जाएगा। इसमें निजी ऑपरेटर ही बसों का संचालन करेंगे। जिन रूटों पर निजी ऑपरेटर बस नहीं चलाएंगे, वहां पर सरकार खुद बस चलाने का निर्णय लेगी।
रूट के सर्वे का काम शुरू
परिवहन विभाग ने प्रस्ताव के साथ ही बसों के रूट पर सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है। इसमें देखा जाएगा कि किन रूटों पर यात्रियों की संख्या ज्यादा है। उसके हिसाब से निजी ऑपरेटरों को बसों के संचालन का परमिट जारी किए जाएंगे। जिन रूटों पर यात्रियों की संख्या कम होगी, उन रूटों पर उसके हिसाब से बसों का संचालन तय किया जाएगा। रूट के सर्वे में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
बस की लोकेशन एप पर दिखेगी, रहेगी पूरी निगरानी
परिवहन विभाग एक सॉफ्टवेयर तैयार कर रहा है। इसमें बसों की पूरी निगरानी की व्यवस्था होगी। नई व्यवस्था में ऑनलाइन टिकट बुकिंग सुविधा के साथ ही बस की लोकेशन को भी यात्री मोबाइल एप के माध्यम से ट्रैक कर सकेंगे। इसमें बसों की ऑक्युपेंसी के साथ ही उसकी स्थिति की हर स्तर पर मॉनीटरिंग की व्यवस्था होगी।
2005 में राज्य सड़क परिवहन निगम बंद
मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम का गठन 1962 में हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की जनता को सस्ती, सुलभ और प्रभावी यातायात सुविधाएं प्रदान करना था। यह निगम राज्यभर में बसों के माध्यम से परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराता था, जिससे लोगों को यात्रा में आसानी होती थी। हालांकि, विभिन्न कारणों से 2005 में इस निगम का संचालन बंद कर दिया गया।

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