लोंगोवाल बरसी समारोह से हरियाणा CM ने बनाई दूरी, सामने आई क्या वजह?
लंबीवाला: पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मालवा क्षेत्र के लोंगोवाल में पंथक सियासत का बड़ा शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। शहीद संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की बरसी पर अकाली राजनीति के दोनों धड़े अपनी ताकत दिखाने में जुटे हैं।
संत लोंगोवाल की विरासत पर दावे की होड़
शिरोमणि अकाली दल (बादल) और अकाली दल (पुनरसुरजीत) दोनों ही खुद को संत लोंगोवाल की राजनीतिक और सामाजिक विरासत का असली वारिस साबित करने के लिए आमने-सामने हैं। इस बरसी समारोह के जरिए दोनों ही दल अपने प्रभाव क्षेत्र को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री का कार्यक्रम रद्द
भाजपा-अकाली गठबंधन की चर्चाओं के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की 41वीं पुण्यतिथि पर शिरोमणि अकाली दल (पुनरसुरजीत) के मंच पर शामिल होने का कार्यक्रम अंतिम समय में रद्द हो गया। राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
गठबंधन की संभावनाओं और सियासी समीकरणों पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व की केंद्रीय स्तर पर हुई बैठकों के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेतृत्व नहीं चाहता था कि पार्टी का कोई बड़ा नेता किसी बागी गुट के मंच पर नजर आए, जिससे किसी भी प्रकार के राजनीतिक असहजता की स्थिति बने।
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