हरदा, सबकी खबर। 
मध्य प्रदेश भाजपा में अनुशासन के दावों के बीच हरदा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। हरदा में भारतीय जनता पार्टी की गुटबाजी अब बंद कमरों से निकलकर सीधे सोशल मीडिया के मंच पर आ गई है। जिम्मेदार नेता ही अब एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोले हुए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
जाट और कमेडिया के बीच ठनी
पूरा मामला भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विजय जाट और हरदा नगर पालिका अध्यक्ष भारती कमेडिया के पति राजू कमेडिया के बीच का है। युवा मोर्चा के अध्यक्ष विजय जाट ने बकायदा अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर सीधे राजू कमेडिया पर हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्होंने हरदा का भविष्य खराब कर दिया है। हालांकि, इस पोस्ट में उन्होंने यह साफ नहीं किया कि भविष्य किस तरह खराब हुआ है, और जब इस बारे में उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। दूसरी तरफ, राजू कमेडिया ने इस पूरे विवाद पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उनका किसी से कोई झगड़ा नहीं है और विजय जाट ने ऐसा क्यों लिखा, यह वही बता सकते हैं। कमेडिया का कहना है कि वे इस मामले में संगठन से कोई अलग से शिकायत नहीं करेंगे क्योंकि पार्टी सब कुछ देख रही है और संगठन का जो भी फैसला होगा, उन्हें मंजूर होगा। लेकिन सवाल उठता है कि अचानक सत्तारूढ़ दल के युवा नेता अपनी ही नगर पालिका के खिलाफ इतने हमलावर क्यों हो गए? सूत्रों और स्थानीय पड़ताल से जो बड़ी वजह सामने आ रही है, वह है हरदा नगर पालिका द्वारा हाल ही में बढ़ाए गए बेतहाशा टैक्स। दरअसल, राज्य सरकार से पर्याप्त फंड न मिलने और नगर पालिका के खर्चों व तनख्वाहों को निकालने के लिए स्थानीय प्रशासन ने टैक्स में भारी बढ़ोतरी की है।
हरदा में संपत्ति कर (property tax) को सीधे 40% तक बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा सफाई कर को 10 रुपये से बढ़ाकर सीधे 50 रुपये प्रति घर कर दिया गया है। आम जनता को सबसे बड़ा झटका पानी के बिल में लगा है, जिसकी कीमत चार गुना बढ़ाकर 50 रुपये से सीधे 200 रुपये कर दी गई है। यही नहीं, छोटे-मोटे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों से भी साफ-सफाई के नाम पर अब हर महीने 3,000 रुपये वसूले जा रहे हैं। इस भारी-भरकम टैक्स बढ़ोतरी से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है। हैरानी की बात यह है कि इस मुद्दे पर विपक्ष ने वैसा कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं किया, जैसा सत्तारूढ़ पार्टी के अपने ही युवा मोर्चा अध्यक्ष ने सोशल मीडिया पर लिखकर बवाल खड़ा कर दिया। राजनीतिक पंडितों की मानें तो इस विवाद के पीछे जिले की गहरी गुटबाजी और बड़े नेताओं की शह है। बताया जा रहा है कि युवा मोर्चा अध्यक्ष विजय जाट पूर्व मंत्री कमल पटेल के बेहद करीबी हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर उनका स्तुतिगान करते नजर आते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यह विवाद असल में कमल पटेल और राजू कमेडिया के बीच की पुरानी राजनीतिक अदावत का नतीजा है, जिसे युवा मोर्चा अध्यक्ष के जरिए सामने लाया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर जब हरदा भाजपा के जिला अध्यक्ष राजेश वर्मा (राजेश सोनी) से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, तो उन्होंने भी फोन नहीं उठाया। साफ है कि जिले के जिम्मेदार पदाधिकारी इस गुटबाजी पर फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। लेकिन मध्य प्रदेश भाजपा के वर्तमान नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के कड़े रुख को देखते हुए यह साफ है कि पार्टी में ऐसी घोर अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना यह होगा कि सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार और व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करने वाले नेताओं पर संगठन क्या और कितनी जल्दी एक्शन लेता है। सबकी खबर की इस बड़ी पड़ताल पर हमारी नजर लगातार बनी रहेगी।