कांग्रेस का फोकस अब जमीनी कार्यकर्ताओं को मजबूत करने पर
रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नवनियुक्त 41 जिला अध्यक्षों को संगठन की बारीकियों, कार्यप्रणाली और पार्टी की मूल विचारधारा से रूबरू कराने के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन होने जा रहा है। जून महीने के उत्तरार्ध (दूसरे पखवाड़े) में आयोजित होने वाले इस शिविर में राष्ट्रीय स्तर के दिग्गज नेता इन नवनियुक्त अध्यक्षों की क्लास लेंगे। नवंबर 2025 में हुई इन नियुक्तियों के बाद से अब तक कोई औपचारिक ट्रेनिंग प्रोग्राम नहीं हो सका था, जिसके चलते इस शिविर को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
10 दिनों तक रिसॉर्ट में चलेगी चुनावी और संगठनात्मक ट्रेनिंग
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह राजनीतिक प्रशिक्षण शिविर 21 जून से शुरू होकर 30 जून तक यानी पूरे 10 दिनों तक चलेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कैंप का आयोजन प्रांतीय राजधानी रायपुर के ही पास स्थित किसी निजी रिसॉर्ट या फार्महाउस में किया जा सकता है। अपनी नियुक्ति के लगभग पांच महीने बाद जिला अध्यक्ष इस शिविर का हिस्सा बनेंगे, जहाँ उन्हें कुशल प्रबंधन, राजनीतिक रणनीति, पब्लिक रिलेशन (जनसंपर्क), मीडिया हैंडलिंग और आगामी चुनावों को लेकर चक्रव्यूह तैयार करने के गुर सिखाए जाएंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई दिग्गज रहेंगे मौजूद
इस हाई-प्रोफाइल ट्रेनिंग कैंप में राष्ट्रीय स्तर से कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट जैसे शीर्ष नेता शामिल होकर पदाधिकारियों का मार्गदर्शन करेंगे। वहीं, राज्य स्तर के नेतृत्व की बात करें तो प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव भी पूरे समय कैंप में मौजूद रहकर जमीनी समीकरणों पर चर्चा करेंगे।
इस प्रशिक्षण शिविर के मुख्य केंद्र बिंदु:
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पहला औपचारिक मूल्यांकन: जिला अध्यक्षों की कमान संभालने के बाद यह उनकी कार्यक्षमता का पहला औपचारिक असेसमेंट होगा।
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जमीनी पकड़ और रणनीतिक विकास: सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने, बूथ स्तर पर अचूक रणनीति बनाने और नेताओं की राजनैतिक समझ को और धारदार करने पर जोर रहेगा।
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शीर्ष नेतृत्व से सीधा संवाद: इस कैंप के जरिए जिला अध्यक्षों को दिल्ली और राज्य के शीर्ष नेताओं से सीधे बातचीत करने और अपनी बात रखने का मंच मिलेगा।
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आगामी चुनावों का खाका: भविष्य में होने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए जीत की रणनीति तैयार की जाएगी।
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परफॉर्मेंस आधारित जिम्मेदारी: इस शिविर के दौरान और उसके बाद नेताओं के प्रदर्शन (परफॉर्मेंस) की समीक्षा की जाएगी, जिसके आधार पर संगठन में उनकी आगे की भूमिका तय होगी।

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