मुख्यमंत्री आगमन से पहले 21 कांग्रेसी गिरफ्तार:किसान नेता हाउस अरेस्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भी हिरासत में
हरदा ।
हरदा जिले के खिरकिया तहसील मुख्यालय पर सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया। मुख्यमंत्री शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत अशासकीय विद्यालयों में निःशुल्क अध्ययनरत बच्चों की 489 करोड़ रुपये की फीस प्रतिपूर्ति राशि सिंगल क्लिक से स्कूलों के खातों में अंतरित करने पहुंचे थे। कांग्रेस और किसान मोर्चा के पदाधिकारी मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपना चाहते थे। उनकी मांगों में क्षेत्र में लगातार बारिश से खराब हुई सोयाबीन फसल का सर्वे कराकर मुआवजा देना, बीमा विसंगतियों को दूर करना, ग्रीष्मकालीन मूंग बेचने वाले सैकड़ों किसानों को भुगतान न मिलना और सोयाबीन तथा मक्का की फसल को समर्थन मूल्य पर खरीदना शामिल था। मुख्यमंत्री के पहुंचने से पहले ही पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई सहित करीब दो दर्जन कांग्रेसियों को ग्राम चारुवा के पास से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें थाने ले जाया गया। इसी दौरान, किसान आक्रोश मोर्चा से जुड़े किसान नेता शैलेंद्र वर्मा को उनके घर पर ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। वर्मा ने बताया कि टिमरनी थाने के चार पुलिसकर्मी सुबह से ही उनके घर पर सिविल ड्रेस में मौजूद थे और उनके आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री किसानों की समस्याओं को सुनने के बजाय तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। शैलेंद्र वर्मा ने कहा कि किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने दो दिन से कलेक्टर और एसपी से मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। वर्मा ने हरदा जिले के शत-प्रतिशत सिंचित होने के भाजपा नेताओं के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिले की सिंचाई के लिए स्वीकृत मोरण्ड गंजाल परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है। किसान मोर्चा इस मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री से बात करना चाहता था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया।

यूपी हादसा: 4 बच्चे चढ़े टंकी पर, 3 गिरे; 2 का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
2025-26 में ED का एक्शन मोड: हजारों रेड, पर कम हुई गिरफ्तारियां