ग्वालियर। 
ग्वालियर में संविधान निर्माता को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रक्षक मोर्चा के संरक्षक के सैकड़ों सदस्यों ने अचानक गुरुवार देर रात राजमाता चौराहे से कलेक्टर कार्यालय तक की सड़क पर सर जस्टिस बीएन मार्ग नाम की तख्तियां लगा दीं। एक तरफ जहां डॉ. भीमराव आंबेडकर को संविधान निर्माता कहा जाता है। वहीं दूसरा पक्ष बीएन राव को इस पद पर स्थापित करना चाहता है। जिले के चिन्नौर में आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद यह विवाद और बढ़ गया है। रक्षक मोर्चा के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन उन्हें न तो बीएन राव की प्रतिमा लगाने की अनुमति दे रहा है और न ही सड़क का नामकरण करने की। उनका कहना है कि जब आंबेडकर की प्रतिमा सरकारी जगह पर लगाई जा सकती है तो उनकी मांगों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन उनकी मांगें नहीं मानता है तो यह संविधान और कानून के नियमों का उल्लंघन होगा। चिन्नौर में आंबेडकर प्रतिमा स्थापना को लेकर जिला कलेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पिछले दिनों कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने भी रक्षक मोर्चा के सदस्य भारी संख्या में पहुंचे थे। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से ज्ञापन देकर यह मांग की थी कि राजमाता विजय राजे सिंधिया चौराहे से लेकर कलेक्ट्रेट मार्ग का नाम बीएन राव के नाम से किया जाए, क्योंकि वह संविधान के निर्माता थे। उन्होंने कहा था कि विधि क्षेत्र के बहुत बड़े विद्वान थे और चुकी इस मार्ग में ग्वालियर उच्च न्यायालय खंडपीठ जिला न्यायालय और जिला दंडाधिकारी यानी कलेक्ट्रेट कार्यालय मौजूद हैं, जहां से हजारों की संख्या में विधि से जुड़े ऐसे लोग रोज गुजरते हैं जो बीएन राव को अपना आदर्श मानते हैं।