ग्वालियर। 
मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर रुचिका चौहान अपने मातहत अधिकारियों पर जमकर बरसे. दरअसल, बैठक में मौजूद सांसद और मंत्री की ओर से  सड़कों से जुड़े  पूछे गए सवालों के जवाब न दिए जाने पर कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियो की जमकर क्लास लगाई. दरअसल, कलेक्ट्रेट में वुधवार को सड़क सुरक्षा समिति की बैठक थी. इस समिति की बैठक सांसद भारत सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौजूद थे. बैठक का मकसद   शहर के अलग-अलग चौराहों पर लगने वाले जाम और सड़कों को सुधारने के लिए मंथन करना था. इस बैठक के दौरान अधिकारियों ने जो प्लान बताया उसको लेकर सांसद और मंत्री ने कुछ सवाल पूछे, तो अधिकारी चुप्पी साध गए. यानी उनका जवाब नहीं दे पाए. यह देखकर कलेक्टर रुचिका चौहान के तेवर बदल गए और उन्होंने बैठक में ही सबके सामने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि टीएल की बैठक इसलिए होती है, ताकि सभी काम तय समय सीमा में हों, लेकिन आपको कुछ पता ही नहीं है. उन्होंने यहां तक कहा कि जो विभाग नहीं सुनते हैं उनकी शिकायत हमसे करें.
मंत्री और सांसद ने दी हिदायत
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पहुंचे डॉ. मोहन की कैबिनेट के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और ग्वालियर सांसद भारत सिंह का कहना है कि साल 2047 में विकसित भारत के रूप में ग्वालियर की ट्रैफिक की व्यवस्था पूर्ण रूप से ठीक हो. उसका ब्लूप्रिंट चार विभागों ने मिलकर बनाया है. अधिकारियों को हिदायत दी गई है कि शहर की सड़कों के मामले गलतियों की पुर्नावृत्ति न हो.
ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह की अध्यक्षता और कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की मौजूदगी में आयोजित हुई सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में 13 महत्वपूर्ण एजेंडे पर चर्चा हुई. साथ ही 30 मई को हुई बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन और प्रतिवेदन रिपोर्ट भी पेश की गई. वहीं, 2047 में विकसित भारत के रूप में ग्वालियर शहर की ट्रैफिक की व्यवस्था पूर्ण रूप से ठीक हो उसके. इसीलिए ब्लूप्रिंट पर मंथन किया गया. बैठक में शहर की बदहाल सड़कों का मुद्दा भी छाया रहा. साथ ही चौराहों पर लेफ्ट टर्न, ब्लैक स्पॉट, स्ट्रीट लाइट और स्कूलों बसों की भी समीक्षा भी की गई.