ग्वालियर में फिर धसकी सड़क: नदी गेट पर माधवराव सिंधिया की प्रतिमा के सामने गहरा गड्डा
ग्वालियर।
ग्वालियर में शुक्रवार दोपहर को शहर के नदी गेट चौराहे पर एक बार फिर सड़क धंस गई है। मुख्य चौराहे पर 15 फीट गहरी और 4 फीट चौड़ी सुरंग सामने आई है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्टेट टाइम का पुराना नाला हो सकता है। दूसरी संभावना यह है कि यह स्वर्ण रेखा नदी का पुराना जल प्रवाह मार्ग हो सकता है। सुरंग की गहराई इतनी है कि इसका अंतिम छोर नहीं देखा जा सकता। इससे पहले चेतकपुरी रोड पर भी सड़क धंसकने की घटना सामने आ चुकी है। नदी गेट चौराहे पर सड़क में बने इस गड्ढे को लेकर स्थानीय निवासियों में नगर निगम के प्रति नाराजगी है। यह स्थिति शहर की खराब होती सड़कों की स्थिति को दर्शाती है।
सड़क धंसने के कई मामले सामने आए
- चेतकपुरी जैसी एक नहीं कई सड़कें धंसक रही है। बस कार्रवाई सिर्फ चेतकपुरी रोड की घटना पर ही नगर निगम के अफसर कर पाए हैं।
- शहर की तीनों विधानसभा में आए दिन कोई न कोई मुख्य सड़कों के धंसकने की तस्वीरें सामने आ रही है। ये वे सड़कें, जहां पर अमृत प्रोजेक्ट-1, 15वें वित्त आयोग की राशि से सीवर और पानी की लाइनें डाली जा रही है।
- सड़कों के धंसकने के बाद भी जनकार्य विभाग के मैदानी इंजीनियरों का इस ओर ध्यान नहीं है। शहरवासी खुद हादसे से बचने के लिए गड्ढों में कहीं पेड़ों की झाड़ियां, तो कहीं पर टीन शेड की चादरों को डाल रहे हैं।
- बारिश के दौरान फूलबाग चौपाटी से लेकर कुलदीप नर्सरी तक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज पाइप लाइन डाली गई थी। इसके बाद सड़क डाली गई। जो धंसक गई और चार इंजीनियरों को निलंबित कर दिया गया।

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