ग्वालियर में हैरान करने वाला मामला: पुलिस ने इतना मारा...टूट गए दोनों पैर, अब अस्पताल में भी धमका रहे!
ग्वालियर ।
ग्वालियर पुलिस की अमानवीयता का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. गिजौर्रा थाना पुलिस पर एक आरोपी को पकड़ते समय उसकी बेरहमी से पिटाई करने और दोनों पैर तोड़ने का गंभीर आरोप लगे हैं. यही नहीं, आरोपी युवक अस्पताल में भर्ती है और उसने पुलिस पर अस्पताल में धमकाने का भी आरोप लगाया है. जानकारी के मुताबिक, 27 जुलाई को आशु तिवारी के साथ मारपीट हुई थी. मामले में गिजौर्रा पुलिस ने सुदामा मुद्गल, मुकुल शर्मा, गोविंदा और मुरारी को आरोपी बनाया था. मंगलवार शाम पुलिस टीम आरोपी मुकुल शर्मा को पकड़ने डबरा के रामगढ़ पुल पहुंची. वहीं पर चार-पांच पुलिसकर्मियों ने मुकुल को हिरासत में लिया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी. मुकुल का आरोप है कि पिटाई के कारण उसके दोनों पैर टूट गए.
पुलिस पर धमकाने का भी आरोप
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस खुद ही घायल मुकुल को ग्वालियर के जयारोग्य ट्रॉमा सेंटर ले गई और भर्ती कराया. अस्पताल में भर्ती मुकुल का कहना है कि गिजौर्रा थाने के पुलिसकर्मी लगातार उसे धमका रहे हैं कि वह उनका नाम न ले और मामले की शिकायत न करे.
हेड कांस्टेबल नहीं दे पाए जवाब
पूरे घटनाक्रम को लेकर हेड कांस्टेबल से सवाल किया तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. वहीं, मुकुल के परिवार का आरोप है कि अस्पताल में भी पुलिस दबाव बना रही है और मामले को दबाने की कोशिश कर रही है. पुलिस की इस बर्बरता ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आरोपी की गिरफ्तारी के नाम पर इंसानियत को शर्मसार करने का काम किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने न्याय की मांग उठाई है. अब देखना होगा कि इस पूरे प्रकरण पर वरिष्ठ अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं.

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