ग्वालियर।
जिले में डॉ भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर कई दलित सगंठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपियों में वकील अनिल मिश्रा समेत 4 लोगों को मेडिकल टेस्ट के जिला अस्पताल लेकर गई है। सभी आरोपी को छावनी थाने से हॉस्पिटल ले जाया गया है। मेडिकल होने के बाद पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। एक तरफ जहां आरोपियों का मेडिकल टेस्ट हो रहा है। वहीं, दूसरी तरफ आजाद पार्टी के साथ ही कई दलित संगठन फोटो जलाने के मामले में कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोपियों पर की गई एफआईआर को नाकाफी बताया है। दलित संगठनों की मांग है कि आरोपियों पर एनएसए की मांग की है।
प्रदर्शन कर रह संगठनों ने दी चेतावनी
गुरुवार के दिन फोटो जलाने को लेकर हो विरोध में दलित संगठन अपनी मांग के लिए कलेक्ट्रेट का घेराव करके बैठ गए हैं। उनका कहना है कि जब मौके पर एसपी धर्मवीर सिंह खुद पहुंचकर उन्हें आश्वासन नहीं दे देते वह अपना प्रदर्शन नहीं रोकेंगे। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग को नहीं माना गया तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।
क्या है मामला
दरअसल, गुरुवार के दिन ग्वालियर जिले में रक्षक मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की फोटो का अपमान किए जाने का आरोप है। प्रदर्शन के दौरान उनकी तस्वीर जलाने और उसे पैरों तले कुचलने को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया है। घटना से आक्रोश फैलने के साथ हीभीम आर्मी और अन्य दलित संगठनों ने एसपी ऑफिस पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। संगठनों ने बाबा साहब के अपमान को लेकर कड़ा ऐतराज जताया। इसके बाद पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए अनिल मिश्रा सहित कुल सात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। शुक्रवार के दिन उनको मेडिकल के बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा।