ग्वालियर।
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 100वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब मशहूर सिंगर कैलाश खेर के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान भीड़ बेकाबू हो गई। जैसे ही कैलाश खेर स्टेज पर अपनी प्रस्तुति दे रहे थे, वैसे ही उन्हें नज़दीक से देखने के लिए सैकड़ों लोग बैरीकेट तोड़कर स्टेज की ओर दौड़ पड़े। हालात इतने बिगड़ गए कि कई दर्शक स्टेज पर चढ़ गए, जिससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए और कलाकार की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो गया। स्थिति बिगड़ती देख कैलाश खेर को गाना बीच में रोकना पड़ा। उन्होंने स्टेज से नाराज़गी जताते हुए कहा— “आप जानवरों जैसा व्यवहार कर रहे हैं, प्लीज़ ऐसा मत कीजिए। लेकिन इसके बावजूद हालात काबू में नहीं आए। अंततः सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम को बीच में ही बंद करना पड़ा।

सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यक्रम  स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती नहीं थी, जिसके चलते हालात बेकाबू हो गए। इस घटना ने वीआईपी और कलाकारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
12 घंटे पहले अमित शाह की सभा, तब थे कड़े इंतजाम
घटना को और भी गंभीर बनाता है यह तथ्य कि इसी मंच और इसी स्थल से करीब 12 घंटे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनसभा को संबोधित किया था, जहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। लेकिन कुछ ही घंटों में वही व्यवस्था पूरी तरह नाकाम नजर आई।
बड़ा सवाल
क्या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों और आम जनता की सुरक्षा को हल्के में लिया जा रहा है?