गुना।
गुना जिले की नगर परिषद मधुसूदनगढ़ में अध्यक्ष श्यामलाल अहिरवार के खिलाफ पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। मंगलवार को पार्षदों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर यह प्रस्ताव सौंपा। तीन साल का कार्यकाल पूरा होते ही यह कदम उठाया गया है, जिससे नगर परिषद में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
2022 में हुए थे पहले चुनाव
मधुसूदनगढ़ को वर्ष 2017 में गजट नोटिफिकेशन के जरिए नगर परिषद का दर्जा मिला था। यहां 15 वार्ड बनाए गए और वर्ष 2022 में पहली बार पार्षदों के चुनाव हुए। चुनाव में 87 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें सबसे ज्यादा निर्दलीय उम्मीदवार जीते थे। 15 में से 6 वार्डों पर निर्दलीयों ने, 5 पर भाजपा और 4 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। कुछ निर्दलीय पार्षद बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे, जिससे परिषद में भाजपा को बहुमत मिल गया था।
अध्यक्ष पर मनमानी और विकास कार्य नहीं कराने के आरोप
पार्षदों ने श्यामलाल अहिरवार को नगर परिषद का अध्यक्ष चुना था। लेकिन कुछ ही महीनों में उनके और पार्षदों के बीच मतभेद शुरू हो गए। पार्षदों का आरोप है कि अध्यक्ष मनमानी करते हैं और वार्डों में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया।इससे पहले भी पार्षदों ने 2023 में अविश्वास प्रस्ताव लाने की कोशिश की थी, लेकिन तब सरकार ने यह सीमा दो साल से बढ़ाकर तीन साल कर दी थी, जिससे प्रस्ताव रोक दिया गया था। अब तीन साल पूरे होते ही एक बार फिर अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। मंगलवार को पार्षद कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से मिलने पहुंचे और उन्हें अविश्वास प्रस्ताव की सूचना दी। पार्षदों ने पहले जनसुनवाई कक्ष में आवेदन दिया, जिसके बाद कलेक्टर ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया।