भोपाल। 
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार को गुना पहुंचे। यहां उन्होंने बीना विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता के मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह विषय अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर कोई टिप्पणी करना उचित नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि विधानसभा की बैठकें और बढ़नी चाहिए, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। तोमर यहां राघौगढ़ के आवन में आयोजित वैदिक सम्मेलन में शामिल होने आए थे।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार को गुना पहुंचे। वे सबसे पहले जिले के राघौगढ़ इलाके के आवन में आयोजित तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन एवं चतुर्वेद पारायण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान सबसे पहले समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका पुष्पहारों से स्वागत किया।
हनुमान मंदिर में टेका मत्था
इसके बाद वे आयोजन स्थल पर पहुंचे और सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने सबसे पहले श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना कर मत्था टेका।
'आचार्य समाज का पथ प्रदर्शक है'
वैदिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आचार्य कोई पदवी नहीं है। आचार्य नौकरी भी नहीं है। आचार्य समाज का पथ प्रदर्शक है। धर्म के क्षेत्र में, मानव उत्थान के क्षेत्र में, मानव चरित्र के क्षेत्र में आचार्य का एक-एक शब्द समाज के जीवन को बनाने और बिगाड़ने का काम करता है।
'आचार्य का आदेश सर्वश्रेष्ठ'
उन्होंने कहा कि चाहे राजनैतिक क्षेत्र हो, सामाजिक क्षेत्र हो या आध्यात्मिक क्षेत्र हो, हर क्षेत्र में श्रेष्ठता बांटी गई है। इसी प्रकार से आध्यात्मिक क्षेत्र में आचार्य सर्वश्रेष्ठ है। आचार्य का आदेश हम सब के लिए सर्वश्रेष्ठ है।