एयरगन से छात्रा के सीने में छर्रा लगा, गंभीर
- कबूतर का शिकार करते वक्त हादसा
- रिश्तेदार पर हत्या के प्रयास का केस
भोपाल। भोपाल ग्रामीण के बैरसिया इलाके में सोमवार को एक छात्रा के सीने में विदेशी एयरगन का छर्रा लग गया। छात्रा, जो बीबीए थर्ड ईयर की छात्रा है, कपड़े उठाने के लिए छत पर गई थी। इस दौरान पास में रह रहे एक युवक ने एयरगन से कबूतर मारने की कोशिश की, लेकिन निशाना चूकने से छर्रा छात्रा को लग गया। छर्रा छाती के पास से होते हुए आर-पार हो गया है, हालांकि उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद छात्रा को भोपाल के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। बैरसिया थाना प्रभारी अरुण शर्मा के अनुसार, घटना सोमवार शाम करीब 5.30 बजे की है, जब छात्रा छत पर सूख रहे कपड़े उतारने गई थी।
विदेशी एयरगन से निकला छर्रा, छात्रा की हालत गंभीर
बैरसिया इलाके में एक छात्रा को विदेशी एयरगन से छर्रा लगने से गंभीर चोटें आईं। घटना में एयरगन से निकला छर्रा अदीबा के हृदय के नीचे धंसकर पीछे निकल गया। लहूलुहान हालत में छात्रा घिसटते हुए जीने तक पहुंची और आवाज लगाकर मां-पिता को बुलाया। जब परिजन छत पर पहुंचे, तो उनकी हालत देखकर घबरा गए और तुरंत उसे भोपाल के अस्पताल लेकर गए। घटना स्थल पर एक-दो मृत कबूतर भी पाए गए, जिससे यह संदेह जताया जा रहा है कि पड़ोस में एक व्यक्ति एयरगन से कबूतरों को निशाना बना रहा था, और निशाना चूकने से छर्रा छात्रा को लग गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अदीबा का ऑपरेशन हुआ, हालत अब स्थिर
बैरसिया इलाके में एयरगन से लगे छर्रे के बाद मंगलवार को अदीबा का ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार, अदीबा बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा है और दो बहनों में दूसरे नंबर पर है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। ऑपरेशन के बाद अदीबा की हालत अब ठीक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि छर्रा हार्ट के ठीक नीचे लगा था, और यदि यह थोड़ा ऊपर होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
अदीबा ने बताया-लगा, अब उठ नहीं पाऊंगी
अदीबा ने घटना के बाद बताया कि गोली पड़ोस में रहने वाले ताहिर भाई की छत से चली थी। हालांकि, उसने किसी को देखा नहीं, लेकिन गोली उसी से चली थी। अदीबा ने बताया कि वह शाम को धुले कपड़े उतारने छत पर गई थी, तभी अचानक एक धमाके की आवाज आई और सीने में तेज जलन महसूस होने लगी। उसे लगा कि अब वह कभी उठ नहीं पाएगी, लेकिन उसने हिम्मत जुटाई और घिसटते हुए सीढ़ियों तक पहुंची। वहां से उसने मां को आवाज दी, और फिर मां और पिता उसे अस्पताल लेकर गए।

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