धार।
अक्सर लोग बैंक के चक्कर काटकर थक जाते हैं, लेकिन धार जिले के एक किसान ने बैंक अधिकारियों की 'अकड़' ठिकाने लगाने के लिए जो तरीका अपनाया, उसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
क्या है पूरा मामला ?
धार जिले के ग्राम आऊ (चांदवाड़ा) के रहने वाले किसान विजय पाटीदार ने आईडीएफसी (IDFC) बैंक से करीब ₹13 लाख का किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) लोन लिया था। विजय ने करीब डेढ़ महीने पहले अपनी फसल बेचकर पूरा कर्ज ईमानदारी से चुका दिया। नियम के अनुसार, कर्ज चुकाने के बाद बैंक को 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दे देना चाहिए, लेकिन बैंक अधिकारी उन्हें पिछले 45 दिनों से "कल आना, परसों आना" कहकर टाल रहे थे।
जब 'तारीख पे तारीख' से तंग आ गया किसान
डेढ़ महीने तक बैंक के चक्कर काटने के बाद विजय पाटीदार का धैर्य जवाब दे गया। मंगलवार को वे अपने भाई और कुछ साथियों के साथ सीधे बैंक पहुंचे, लेकिन इस बार उनके हाथ में आवेदन नहीं बल्कि एक ढोल वाला था। जैसे ही बैंक के अंदर ढोल बजना शुरू हुआ, विजय और उनके साथी जमकर नाचने लगे। बैंक के अंदर अचानक हुए इस शोर-शराबे और डांस को देख स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। बैंक अधिकारी बाहर निकल आए और उन्हें रोकने की कोशिश करने लगे। पीड़ित किसान विजय पाटीदार ने कहा कि "मैं डेढ़ महीने से चक्कर काट रहा हूँ, रोज बुलाते हैं और खाली हाथ भेज देते हैं। आज मैं बैंक के कान खोलने के लिए ढोल-नगाड़े लेकर आया हूँ। जब तक NOC नहीं मिलेगी, यहीं नाचेंगे और यहीं धरना देंगे।
अधिकारियों की उतरी 'खुमारी'
किसान का यह अनोखा विरोध प्रदर्शन देख बैंक मैनेजर और अन्य अधिकारियों ने तुरंत मामले को शांत कराया। जो काम 45 दिनों से अटका हुआ था, उसके लिए बैंक ने आश्वासन दिया कि शाम तक हर हाल में NOC दे दी जाएगी।
सोशल मीडिया पर मिली वाहवाही
इस घटना का वीडियो स्थानीय पत्रकार नरेंद्र पंवार के माध्यम से सामने आया, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी हो या प्राइवेट, बैंकों में आम आदमी और किसानों को परेशान करना एक आम बात हो गई है। ऐसे में विजय पाटीदार का यह 'गांधीगिरी' वाला अंदाज उन अधिकारियों के लिए एक सबक है जो खुद को जनता से ऊपर समझते हैं।