देवास।
शहर में नवरात्रि पर्व को लेकर जगह-जगह लगे नेता व विधायक के होर्डिंग और पोस्टर हटाने पर जमकर हंगामा हुआ. गुरुवार देर रात देवास से भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र विक्रम राव पवार अपने समर्थकों के साथ देवास नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सड़क पर उतर आए. निगम कमिश्नर मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए नगर निगम का घेराव कर दिया. सड़क पर इतनी भीड़ इकट्ठा हो गई कि जाम लग गया.
विधायक पुत्र बोले- नगर निगम हमने बनवाया
प्रदर्शनकारी यहीं नहीं रुके, सयाजी द्वार से नगर निगम तक पैदल ही समर्थकों के साथ निकल पड़े. निगम परिसर में धरना दिया, जिसमें बकायदा भाजपा महापौर के पति व प्रतिनिधि तक शामिल हुए. स्थिति संभालने पहुंचे सीएसपी से विधायक पुत्र ने गुस्से में कहा, ''ये शहर हमारा है. निगम भवन में भी हमने ही बनवाया है. ऐसा न हो कि इसे तोड़ना पड़ जाए.'' देर रात विरोध प्रदर्शन और हंगामा चलता रहा. हंगामे के बाद महापौर प्रतिनिधि व विधायक पुत्र के बीच में अकेले में संवाद हुआ और मामला शांत हो गया. लेकिन आखिरी तक नवागत निगम कमिश्नर दलीप कुमार नहीं आए.
नगर निगम ने हटाए नेताओं के पोस्टर्स
गुरुवार सुबह से निगम का अमला AB रो पर डिवाइडर पर लगे खम्बों व अन्य जगहों पर लगे भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार, निगम अध्यक्ष रवि जैन सहित अन्य नेताओं के होर्डिंग्स उतार रहा था. यह फ्लेक्स नवरात्रि पर्व को लेकर देवास की प्रसिद्ध माताजी टेकरी पर आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत, अभिनंदन, भंडारे के लगे थे. लेकिन मंगलवार 16 सितंबर को ही 2019 बैच के युवा IAS अफसर दलीप कुमार ने निगम कमिश्नर का कार्यभार ग्रहण किया और 18 सितंबर की सुबह से होर्डिंग्स उतरवा दिए.
समर्थकों के साथ सड़क पर बैठे विधायक पुत्र
बैनर-पोस्टर हटाने के विरोध में नाराज नेता नवागत कमिश्नर दलीप कुमार से मिलने निगम कार्यालय भी पहुंचे. वहां कमिश्नर ने उनकी बात सुनी और रवाना कर दिया. शाम को मामला बढ़ा तो भाजपा विधायक गायत्री राजे पवार के पुत्र और देवास रियासत के महाराज विक्रम सिंह पवार इंदौर एयरपोर्ट से सीधे रात 9 बजे समर्थकों के साथ सयाजी द्वार से उज्जैन चौराहे पर पहुंचे और सड़क पर बैठ गए. आधे घंटे तक सड़क पर हंगामा करते रहे. फिर पवार समर्थकों सहित निगम परिसर में पहुंच गए. यहां फिर से जमकर नारेबाजी की. इस बीच विक्रम सिंह पवार ने सीएसपी सुमित अग्रवाल को एक तरफ ले जाकर चर्चा की.