छिंदवाड़ा/भोपाल। 
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता कमलनाथ ने एक बार फिर अपनी ही पार्टी की मुश्किल बढ़ा दी है। जहाँ एक तरफ पूरी कांग्रेस 'गैस की किल्लत' के मुद्दे पर मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों से लेकर संसद तक मोर्चा खोले हुए है, वहीं कमलनाथ ने साफ कह दिया कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है, बस एक माहौल बना दिया गया है।
क्या बोले कमलनाथ?
छिंदवाड़ा प्रवास के दौरान जब मीडिया ने उनसे गैस सिलेंडर की किल्लत और जनता की परेशानी पर सवाल किया, तो कमलनाथ ने दो टूक लहजे में कहा:"यह केवल अव्यवस्था है। ऐसी कोई कमी (गैस की) नहीं है, लेकिन एक माहौल बना दिया गया है कि कमी है।" उनका यह बयान कांग्रेस के उस राष्ट्रव्यापी अभियान के ठीक विपरीत है, जिसमें पार्टी 'नरेंदर भी गायब, सिलेंडर भी गायब' जैसे तीखे नारों के साथ भाजपा को घेर रही है। कमलनाथ के इस बयान ने कांग्रेस के हाथ से एक बड़ा मुद्दा छीन लिया है और पार्टी के आंदोलन की धार कुंद कर दी है।
सिंधिया का पलटवार: "कांग्रेस को शर्म आनी चाहिए"
कमलनाथ के बयान को लपकते हुए भाजपा ने कांग्रेस पर चौतरफा हमला शुरू कर दिया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। सिंधिया ने लिखा कि कांग्रेस केवल झूठ और भ्रम के सहारे जनता को गुमराह कर रही है, उसे अब शर्म आनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जनता में अविश्वास फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंकना बंद होना चाहिए।
कांग्रेस के लिए बढ़ी मुश्किलें
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कमलनाथ का यह बयान राहुल गांधी और केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति के खिलाफ जाता है। भाजपा अब इसे ढाल बनाकर यह साबित करने में जुट गई है कि कांग्रेस का विरोध सिर्फ प्रोपेगेंडा है, जिसे उनके अपने ही वरिष्ठ नेता खारिज कर रहे हैं।