छिंदवाड़ा। 
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में गुरुवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जहां पिकअप वाहन से टक्कर के बाद यात्रियों से भरी बस पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में कुल 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं। हादसे में कई यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एक महिला और एक बच्चे का हाथ कटकर अलग हो गया, वहीं कुछ लोगों के सिर फट गए हैं। यह हादसा शाम करीब साढ़े 6 बजे उमरानाला क्षेत्र में सिमरिया के पास हुआ। बस में कुल 47 लोग सवार थे, जो छिंदवाड़ा पुलिस लाइन में आयोजित हितग्राही सम्मेलन से लौट रहे थे। इसी दौरान बस ओवरटेक करने की कोशिश में लहसुन से भरे पिकअप वाहन से टकरा गई और पलट गई।जिला अस्पताल के डीन अभय सिन्हा के अनुसार, मृतकों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। एक घायल की हालत बेहद नाजुक है, जिसे सिर में गंभीर चोट और खून के थक्के जमने के कारण नागपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। हादसे के बाद राहत कार्य तेजी से चलाया गया। पुलिस ने मौके से अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर 6 एम्बुलेंसों के जरिए घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने बताया कि हादसा ओवरटेक के दौरान हुआ। बस में 47 यात्री सवार थे, जिनमें से कई गंभीर रूप से घायल हैं। पांच घायलों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और राजनीतिक प्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे। भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव और कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओक्टे सहित अन्य अधिकारी घायलों का हाल जानने पहुंचे। 
मृतकों के परिजनों को सहायता राशि
आज शाम को छिंदवाड़ा-नागपुर रोड पर हुई सड़क दुर्घटना हृदय विदारक है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। परमपिता परमात्मा से प्रार्थना है कि सभी दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए कामना करता हूँ। मैंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के इलाज के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर से डॉक्टर्स के दल छिंदवाड़ा और नागपुर भेजने के निर्देश दिए हैं। छिंदवाड़ा के प्रभारी मंत्री श्री राकेश सिंह जी को भी अपने कार्यक्रम परिवर्तित कर छिंदवाड़ा पहुँचने के लिए निर्देशित किया है। मृतकों के निकटम परिजनों को 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि, गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। सभी घायलों का इलाज निःशुल्क किया जाएगा। भोपाल में स्वास्थ्य विभाग में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहाँ से सभी घायलों के उपचार की सतत् मॉनिटरिंग की जा रही है।