छिंदवाड़ा।
जहरीले कफ सिरप से मौत के मामले के आरोपी गोविंदन रंगनाथन को परासिया कोर्ट में पेश किया। इस दौरान उन पर हमले की कोशिश की। लोगों और वकीलों ने हत्यारे को फांसी देने की मांग की। आरोपी रंगनाथन को प्रथम श्रेणी न्यायाधीश शैलेंद्र उइके की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की रिमांड पर सौंपा है। इससे पहले मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विशेष जांच दल (SIT) आज सुबह 11 बजे रंगनाथन को लेकर परासिया पहुंचा था। उसे परासिया थाने में अभिरक्षा में रखा गया था। रंगनाथन की कंपनी श्रीसन फार्मास्युटिकल में बना कप सिरप पीने से छिंदवाड़ा, बैतूल और पांढुर्णा में अब तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। कई बच्चों का नागपुर में इलाज चल रहा है। इधर, परासिया अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्याम कुमार साहू ने कहा- जिले का कोई भी अधिवक्ता ऐसे आरोपी की पैरवी नहीं करेगा। अगर बाहर से कोई वकील उसकी पैरवी करने आता है तो यहां के अधिवक्ता उसका भी विरोध करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में सीबीआई जांच की मांग खारिज
उधर, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सीबीआई या न्यायिक जांच की मांग खारिज कर दी है। वकील विशाल तिवारी ने जनहित याचिका लगाकर केस की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाले राष्ट्रीय न्यायिक आयोग या सीबीआई के जरिए गठित एक्सपर्ट कमेटी से कराने की मांग की थी।