छिंदवाड़ा। 
जहरीली कफ सिरप पीने के बाद छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश में 22 मासूमों की मौत हो चुकी है. इस घटना से पूरे देश में हड़कंप मच गया है. तत्काल प्रभाव से कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके साथ ही छिंदवाड़ा पुलिस ने जहरीले कफ सिरप कांड के मुख्य आरोपी और श्रीसन फार्मास्युटिकल्स के मालिक रंगनाथन गोविंदन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में खुलासा हुआ है कि रंगनाथन कई दिनों से अंडरग्राउंड था और देश छोड़कर भागने की फिराक में था.
विदेश में रहते हैं आरोपी के बच्चे
एसपी अजय पांडे ने बताया "कफ सिरप 'कोल्ड्रिफ' को बनाने वाली कंपनी का मालिक तमिलनाडु के चेन्नई से गिरफ्तार किया गया है. छिंदवाड़ा पुलिस ने 12 सदस्यों की एसआईटी टीम गठित की है, जिसमें से 6 सदस्य तमिलनाडु गए थे. आरोपी रंगनाथन के बच्चे विदेश में रहते हैं. ऐसे में हमें आशंका थी कि रंगनाथन देश छोड़कर भाग सकते हैं. ऐसे में पुलिस ने हर लिहाज से अपनी तैयारी कर रखी थी. इसलिए हमने उसके पासपोर्ट पर रोक लगाने के लिए न्यायालय में भी अर्जी दी थी."
बार-बार लोकेशन बदल रहा था आरोपी
पुलिस अधीक्षक अजय पांडे के मुताबिक, "जब तमिलनाडु पुलिस की टीम पहुंची तो साइबर सेल के लोग भी साथ में थे. सबसे पहले चुनौती तो आरोपी एस रंगनाथन का मोबाइल नंबर जुगाड़ना था. किसी तरह जब मोबाइल नंबर मिला तो वह बंद था. फिर आरोपी अपनी लोकेशन बदल रहा था. किसी तरह छिंदवाड़ा की पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. अब उसे छिंदवाड़ा लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड ली जाएगी, ताकि पूछताछ कर मामले का खुलासा किया जा सके."
तमिलनाडु सरकार नहीं कर रही सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को नागपुर के अस्पतालों में भर्ती बच्चों को देखने गए थे. वहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा "तमिलनाडु में बनी दवा के सेवन से बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है. मध्य प्रदेश पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की है. दुर्भाग्य की बात है कि तमिलनाडु सरकार की तरफ से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है. तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर को दवा कंपनी की नियमानुसार जांच करनी चाहिए."