छिंदवाड़ा।
जहरीले कप सिरप से छिंदवाड़ा में हुई 14 बच्चों की मौत ने सभी को हिलाकर रख दिया है. मध्य प्रदेश से लेकर देशभर में यह मुद्दा चर्चाओं में बना हुआ है. मामले में सरकार ने एक्शन लेते हुए कफ सिरप को बैन कर दिया है और डॉक्टर पर केस दर्ज किया गया है. वहीं सोमवार को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी छिंदवाड़ा पहुंचे. जहां उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला.
सरकार के चेहरे पर लगी कालिख पहुंचने आ रहे हैं मोहन
जीतू पटवारी छिंदवाड़ा के परासिया पहुंचे. जहां सबसे ज्यादा बच्चों की मौत हुई है. यहां कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उनसे चर्चा की. जीतू पटवारी ने परिजनों से मिलने के बाद कहा कि "जिन माताओं की गोद सूनी हुई है. उनका दर्द मोहन यादव को अब जाकर याद आ रहा है. जब पहली मौत हुई थी और दावों पर सवाल उठ रहे थे, उस दौरान ही अगर इस पर प्रतिबंध लग जाता और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो जाती, तो शायद आज बच्चों को बचाया जा सकता था. उन्होंने कहा है कि नैतिकता के आधार पर मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को इस्तीफा सौंप देना चाहिए."
इधर बच्चे तड़प रहे थे, मोहन यादव पथ संचलन में व्यस्त थे

एमपी कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि "जब छिंदवाड़ा में सरकार की जरूरत थी. उस समय डॉ. मोहन यादव पूजा-पाठ और पथ संचलन में व्यस्त थे. अगर उस समय ही सरकार छिंदवाड़ा में ध्यान देती तो कई बच्चों की जान बचाई जा सकती थी. अब मुख्यमंत्री यहां पर सरकार के मुंह पर लगी कालिख पोछने के लिए आ रहे हैं."
परिजनों को 1 करोड़ का मुआवजा, जिम्मेदारों को सस्पेंड करो
साथ ही उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री ने 4-4 लाख रुपए की मुआवजा राशि देकर पल्ला झाड़ लिया है. अगर सच में भी इन परिवारों की मदद करना चाहते हैं, तो एक करोड़ रुपए प्रत्येक परिवार को मुआवजा दें. साथ ही जो जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी हैं, उन्हें सस्पेंड करते हुए कंपनी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होना चाहिए.