छतरपुर।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. नौगांव जनपद पंचायत में सचिव ने सैकड़ों फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए. जिस इलाके में मुस्लिम आबादी शून्य है, उस इलाके का पंचायत सचिव ने फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया है. जिस महिला का जन्म प्रमाण पत्र बनाया गया है, वह वहां की निवासी ही नही हैं. यह खुलासा उसके दस्तावेज से हुआ है. वहीं जानकारी मिलते ही जिला पंचायत सीईओ ने पंचायत सचिव पर निलबंन की कार्रवाई कर जांच दल गठित कर दिया है.
सचिव को किया तत्काल निलंबित
मामला छतरपुर के नौगांव जनपद पंचायत के महतौल ग्राम पंचायत का है. आरोप है कि पंचायत में पदस्थ सचिव प्रेमनंद रैकवार द्वारा फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं. मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया. जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने सचिव प्रेमचंद रैकवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जनपद सीईओ ऑफिस में अटैच करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.
सचिव ने बना दिए 1134 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र
जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि "आरोप है कि सचिव प्रेमनंद रैकवार ने करीब सवा साल के कार्यकाल में गांव में 1134 जन्म प्रमाण पत्र जारी किए हैं. जो फर्जी हैं. जब इन जन्म प्रमाण पत्र की जांच की गई तो, उनमें से कुछ एक-दो जन्म प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं. वहीं इन प्रमाण पत्र की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है. इस दल की अध्यक्षता एसडीएम गोपाल पटेल करेंगे. उन्होंने बताया कि इस टीम में सीईओ जनपद, जिला पंचायत सीईओ होंगे. जहां ये जांच करके 7 दिनों के अंदर रिपोर्ट शासन को सौपेंगे. इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके मुताबिक विधिक कार्रवाई की जाएगी.
इंदौर के केस से हुआ खुलासा
इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब तीन दिन पहले हाईकोर्ट इंदौर के अधिवक्ता सुभाष पंचाल छतरपुर आये. उन्होंने बताया कि उनके पक्षकार रिहान निवासी इंदौर का विवाह अंजुम खान से हुआ था. विवाह के समय अंजुम की उम्र 21 वर्ष बताई गई, लेकिन परिजनों ने विरोध कर थाना चंदननगर, इंदौर में नाबालिग से विवाह और अपहरण का मामला दर्ज कराया था. जांच के दौरान परिवार की तरफ से अंजुम का जो जन्म प्रमाण-पत्र पेश किया गया, वह छतरपुर की ग्राम पंचायत महतौल से जारी बताया गया था.