चंडीगढ़। 
हरियाणा के सीनियर IPS ऑफिसर वाई पूरन कुमार ने मंगलवार को सुसाइड कर लिया। उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास (कोठी नंबर 116) पर खुद को गोली मार ली। घटना की सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की SSP कंवरदीप कौर के अलावा कई सीनियर अधिकारी मौके पर हैं। अभी सामने नहीं आया है कि उन्होंने सुसाइड क्यों किया है। वाई पूरन कुमार 2001 बैच के हरियाणा कैडर के IPS ऑफिसर थे। 29 सितंबर को ही उनकी रोहतक की सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज (PTC) में IG के तौर पर पोस्टिंग हुई थी। वह 7 अक्टूबर तक छुट्‌टी पर थे। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वाई पूरन कुमार की पत्नी अमनीत पी. कुमार IAS ऑफिसर हैं। वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य अधिकारियों के साथ 5 अक्टूबर को जापान दौरे पर गई थीं। वह कल शाम को भारत लौटेंगी।
कुमार ने IPS अफसरों के प्रमोशन पर सवाल उठाए थे
पिछले साल हरियाणा में IPS अफसर वाई पूरन कुमार ने कुछ IPS अफसरों के प्रमोशन पर सवाल उठाया था। ये अफसर 1991, 1996, 1997 और 2005 बैच के थे। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को एक पत्र लिखा था, जिसमें कहा गया था कि ये प्रमोशन गलत तरीके से किए गए हैं। वित्त विभाग ने गृह मंत्रालय के नियमों को अनदेखा करके सिर्फ अपनी सहमति से ये प्रमोशन कर दिए। उन्होंने पत्र में ये भी लिखा कि उन्होंने पहले 11 अक्टूबर 2022 को गृह विभाग के बड़े अफसर को बताया था कि 2001 बैच के अफसरों को DIG के पद पर प्रमोशन देने के लिए गृह मंत्रालय के नियमों का पालन किया जाए। साथ ही, उनकी सैलरी फिर से तय की जाए और उन्हें बकाया पैसे भी दिए जाएं।

पूर्व DGP मनोज यादव पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे
वाई पूरन कुमार ने अंबाला के SP को शिकायत देकर पूर्व DGP मनोज यादव पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। साथ ही SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज करने की गुहार लगाई थी। IG वाई पूरन ने बताया था कि 3 अगस्त 2020 को सार्वजनिक अवकाश था। उस दिन वे शहजादपुर थाने में बने मंदिर में माथा टेकने गए थे। उसी दिन तत्कालीन SP अभिषेक जोरवाल भी मंदिर में गए थे। 17 अगस्त 2020 को तत्कालीन DGP मनोज यादव ने उन्हें एक पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने पूछा कि क्या थाने में मंदिर स्थापित करने से पहले सरकार से अनुमति ली गई थी? इस पर पूरन ने कहा था कि मामले को लेकर उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया।