खुरई का 'खौफ': पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप, एक परिवार 10 महीने से 'लापता' होने को मजबूर!
भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजनीति में 'अपनों' और 'परायों' की जंग अब सड़कों पर और सोशल मीडिया के जरिए जनता के सामने आने लगी है। ताज़ा मामला सागर जिले की खुरई विधानसभा का है, जहाँ एक भाजपा कार्यकर्ता रानू जैन (सिंघई) ने अपनी ही पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
रानू जैन का आरोप है कि 9 सितंबर को मुख्यमंत्री के बीना प्रवास के दौरान उनके कार्यक्रम में शामिल होना उन्हें भारी पड़ गया। रानू के अनुसार, भूपेंद्र सिंह नहीं चाहते थे कि कोई भी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री की रैली में जाए। उस दिन के बाद से ही रानू जैन और उनका परिवार प्रशासन और पुलिस के निशाने पर है। रानू जैन अपनी पत्नी रूबी और तीन मासूम बच्चों के साथ पिछले 10 महीनों से अपना घर-बार छोड़कर दर-दर भटक रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई छूट चुकी है और परिवार भुखमरी की कगार पर है। रानू की पत्नी रूबी जैन ने कैमरे पर आरोप लगाया कि खुरई एसडीएम मनोज चौरसिया और पुलिस टीम ने उनके घर छापा मारा, उनके साथ मारपीट की और घर से 33 लाख रुपये नकद व करीब 425 ग्राम सोना लूट लिया। न्याय न मिलने पर यह परिवार दिल्ली पहुंचा। रानू का दावा है कि राष्ट्रपति की सचिव दीप्ति उमाशंकर ने उनकी व्यथा सुनी, आर्थिक मदद की और मध्य प्रदेश सरकार को फोन कर मामले की जानकारी ली।
'यदि मुझे कुछ हुआ तो ये होंगे जिम्मेदार'
रानू जैन ने एक पत्र सार्वजनिक किया है जिसमें उन्होंने अपनी जान को खतरा बताया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से भूपेंद्र सिंह दांगी, एसडीएम मनोज चौरसिया, एडिशनल एसपी संजीव उइके और टीआई योगेंद्र सिंह दांगी समेत कई अधिकारियों के नाम लिए हैं। रानू का कहना है कि "भले ही जान चली जाए, लेकिन अब मैं उस आदमी (भूपेंद्र सिंह) से समझौता नहीं करूँगा।"
हालांकि इस वीडियो में विधायक भूपेंद्र सिंह का कोई सीधा बयान नहीं है, लेकिन सबकी खबर ने उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए आमंत्रित किया है। भूपेंद्र सिंह प्रदेश के बड़े नेता हैं और उनके समर्थकों का मानना है कि ये आरोप राजनीति से प्रेरित हो सकते हैं। एक तरफ भाजपा 'अंत्योदय' और 'कार्यकर्ता सम्मान' की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ एक कार्यकर्ता का परिवार न्याय के लिए दिल्ली से भोपाल तक भटक रहा है। अब देखना यह है कि क्या मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले में हस्तक्षेप करेंगे या खुरई की यह 'सियासी जंग' किसी अनहोनी का कारण बनेगी?

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