भोपाल। 
छत्तीसगढ़ के कुख्यात नक्सली हिडमा के एनकाउंटर पर सवाल उठाने को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर तीखा प्रहार किया है। एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सीएम ने कहा कि जब देश नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है, तब दिग्विजय सिंह का ऐसे समय में एनकाउंटर पर संदेह जताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल उन्मूलन अभियान का विरोध करने वाले बयान उन वीर पुलिसकर्मियों का मनोबल तोड़ते हैं, जो अपनी जान पर खेलकर देश की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह उस एनकाउंटर को संदिग्ध बताते हैं, जबकि नक्सलियों ने पहले भी कांग्रेस के कई नेताओं की हत्या की है। ऐसे हालात में इस तरह के बयान आश्चर्य में डालते हैं।
जनता से माफी मांगें
डॉ. मोहन यादव के कहा कि लाल सलाम को आखिरी सलाम देने के लिए चल रहे अभियान के बीच इस प्रकार के बयान नक्सलवादियों का मनोबल बढ़ाने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता होने के नाते दिग्विजय सिंह को जनता से माफी मांगनी चाहिए और यह स्मरण रखना चाहिए कि नक्सली किसी के नहीं होते। सीएम ने आगे कहा कि दिग्विजय सिंह को हिडमा एनकाउंटर पर शंका जताने की बजाए नरसिंहपुर के शहीद जवान आशीष शर्मा के प्रति संवेदना व्यक्त करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि आशीष शर्मा ने शौर्यपूर्वक लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। ऐसे साहसिक बलिदान पर दो शब्द संवेदना के नहीं कहना बेहद निराशाजनक है। उनकी वीरता राष्ट्रपति सम्मान के योग्य है। 
छोटे भाई को सब इंस्पेक्टर और गांव में पार्क-स्टेडियम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शहीद आशीष शर्मा के परिवार के लिए कई निर्णय लिए हैं। परिवार को सांत्वना देने के साथ शहीद के छोटे भाई को नियमों को शिथिल करते हुए एसआई बनाया जाएगा और गांव में आशीष शर्मा के नाम पर पार्क व स्टेडियम विकसित करने की घोषणा की गई है। सीएम ने कहा कि इतना सब होने के बाद भी पूर्व मुख्यमंत्री संवेदना के दो शब्द भी नहीं बोलते इससे अधिक दुर्भाग्य की बात क्या हो सकती है।