भोपाल। 
मध्य प्रदेश में मंडलों निगमों की नियुक्तियों के दौर के बाद अब मंत्रीमंडल विस्तार की अटकलें तेज हैं। लेकिन इसी बीच एक और खबर मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं से संबंधित सामने आ रही है। मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं के लिए बीजेपी नई जिम्मेदारी सेट कर रही है जिसके तहत इनको मेहनत करनी होगी। दरअसल मध्यप्रदेश में मंत्री दर्जा प्राप्त नेताओं को नगरीय निकाय चुनावों को लेकर निर्णायक भूमिका निभानी होगी। पार्टी इन नेताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में जिताने की जिम्मेदारी देनी वाली है। मतलब कि अगले निकाय चुनावों में इनको पार्टी को जीत दिलानी होगी। पंचायत चुनाव में भी भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों को जिताना होगा। मंत्री प्राप्त का दर्जा दिया गया है तो जिम्मेवारी भी बड़ी निभानी होगी। इसके साथ ही पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ निगम मंडलों से नवाजे गए नेताओं की भी जवाबदारी तय होगी। इस दिशा में  संगठन जल्द ही एक अहम बैठक करेगा और जिम्मेदारी का आवंटन करेगा। जिस क्षेत्र का नेता प्रतिनिधित्व करते हैं उन्हें वहां की जिम्मेदारी देकर प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने को कहा जाएगा। संगठन चाहता है कि मंत्री प्राप्त नेता अपने पद और प्रभाव का उपयोग करके धरातल पर काम करें औऱ पार्टी के लिए धरातल पर काम करें। नगरीय निकाय चुनावों में पार्टी और संगठन पहले ही जिम्मेदारी तय करने में लग गया है और धरातल पर नेताओं को काम करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। आपको बता दें कि अब तक निगमों मंडलों और प्राधिकरणों में कई राजनीतिक नियुक्तियां  हो चुकी हैं । वहीं बीजेपी का कहना है कि  कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने के लिए नियुक्तियां की जाती हैं। लिहाजा निकाय चुनावों के लिए बीजेपी ने नई बिसात बिछानी शुरु कर दी है।