भोपाल। 
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए किशन मोदी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एम/एस जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. (JGFPPPL) के खिलाफ चल रही जांच के सिलसिले में की गई है।
जाली रिपोर्ट के जरिए विदेशों में बेचा मिलावटी उत्पाद
जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। 'मिल्क मैजिक' (Milk Magic) ब्रांड के नाम से डेयरी उत्पाद बेचने वाली यह कंपनी दूध की वसा (Milk Fat) की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल कर रही थी। कंपनी ने न केवल घरेलू बाजार में जहर परोसा, बल्कि इन मिलावटी उत्पादों को विदेशों में भी निर्यात किया। निर्यात की मंजूरी पाने के लिए आरोपियों ने नामचीन प्रयोगशालाओं की फर्जी लैब टेस्ट रिपोर्ट तैयार की और उन्हें इंदौर स्थित निर्यात निरीक्षण एजेंसी (EIA) के सामने पेश किया। सत्यापन करने पर पता चला कि प्रयोगशालाओं ने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी ही नहीं की थी।
20 करोड़ से अधिक की 'काली कमाई'
ED की जांच के अनुसार, इन जाली रिपोर्ट्स के दम पर कंपनी ने करोड़ों रुपये का निर्यात किया।
लगभग 20.59 करोड़ रुपये की राशि जाली दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त की गई। यह पैसा एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक के खातों के जरिए प्राप्त किया गया, जिसे अब PMLA के तहत 'Proceeds of Crime' (अपराध से अर्जित आय) माना गया है।
न्यायालय ने दी 18 मार्च तक की रिमांड
किशन मोदी को 13 मार्च को गिरफ्तार करने के बाद 14 मार्च को भोपाल स्थित विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता और आगे की पूछताछ की आवश्यकता को देखते हुए आरोपी को 18 मार्च 2026 तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
कैसे शुरू हुई जांच?
यह पूरा मामला हबीबगंज थाना (भोपाल) और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर शुरू हुआ था। इन मामलों में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी और जालसाजी का केस दर्ज किया गया था, जिसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग के कोण से ED ने कमान संभाली।