भोपाल। 
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को जल संसाधन विभाग (WRD) में चल रहे बड़े भ्रष्टाचार के नेटवर्क का खुलासा किया है। पटवारी ने दस्तावेजों के साथ आरोप लगाया कि प्रदेश में सिंचाई परियोजनाओं के नाम पर केवल 'ठेकेदारी और कमीशन' का खेल चल रहा है। उन्होंने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस सबूतों के साथ CBI के पास जाएगी। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा- "सरकार इसे 'कृषि वर्ष' कह रही है, जबकि यह 'कमीशन वर्ष' है। कल ही सरकार ने 5800 करोड़ का कर्ज लिया है, लेकिन यह पैसा किसानों के पास नहीं, बल्कि चहेते ठेकेदारों की जेब में जा रहा है।फर्जी बैंक गारंटी का 'महाघोटाला' आरोप है कि विभाग में फर्जी बैंक गारंटी जमा कर ठेकेदार करोड़ों का एडवांस ले रहे हैं। जल निगम में फर्जीवाड़ा पकड़ने के बाद भी जल संसाधन विभाग और NVDA में 'ई-बैंक गारंटी' (e-BG) सिस्टम लागू नहीं किया गया, ताकि फर्जीवाड़ा जारी रहे। भाजपा कार्यालय और केन-बेतवा लिंक पटवारी ने आरोप लगाया कि केन-बेतवा प्रोजेक्ट का ठेका उस नागार्जुन कंपनी को दिया गया है जो भाजपा का दफ्तर बना रही है। सांठ-गांठ साफ है- पार्टी दफ्तर बनाओ, कमीशन दो और फिर मर्जी से काम करो या लटका दो। पाइपों का फेरबदल जमीन पर सस्ते HDPE पाइप डाले गए और कागजों में महंगे DI पाइप दिखाकर करोड़ों का भुगतान निकाल लिया गया।
"15 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो सीबीआई दफ्तर जाएंगे"

पटवारी ने चेतावनी दी कि सरकार के पास 15 दिन का समय है। यदि स्वतंत्र ऑडिट और जांच नहीं हुई, तो कांग्रेस का डेलीगेशन दस्तावेजों के साथ सीबीआई को शिकायत सौंपेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सिंचाई के रकबे का सरकारी दावा झूठा है, कांग्रेस खुद इसका सत्यापन कर सच सामने लाएगी।