भोपाल।
राजनीति में 'टाइमिंग' ही सब कुछ होती है, और भोपाल में एक 10वीं की टॉपर बच्ची को लेकर हुई सियासत ने इसे साबित कर दिया। प्रदेश की मेरिट लिस्ट में तीसरा स्थान हासिल करने वाली हिमांशी धाकड़ को लैपटॉप दिलाने की होड़ में कांग्रेस ने बीजेपी के 'नहले पर दहला' मारते हुए बाजी मार ली है।
मंत्रीजी का 'सोशल मीडिया' वाला वादा
99.4% अंक लाने वाली हिमांशी की कामयाबी की गूंज जब मंत्रालय तक पहुँची, तो सबसे पहले कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग उसके घर पहुँचे। मंत्रीजी ने मिठाई खिलाई, फोटो खिंचवाई और बिटिया के सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। हिमांशी ने जब बताया कि उसके पास पढ़ाई के लिए लैपटॉप नहीं है, तो मंत्रीजी ने मुस्कुराते हुए वादा किया— "बेटा, लैपटॉप हम दिलाएंगे।" मंत्रीजी के सोशल मीडिया पर इस वादे का वीडियो खूब शेयर हुआ।
कांग्रेस का 'इंस्टेंट' एक्शन
मंत्रीजी के जाने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला हिमांशी के घर पहुँचे। उन्होंने भी बधाई दी, लेकिन जब उन्हें पता चला कि मंत्रीजी लैपटॉप का 'वादा' करके गए हैं, तो उन्होंने तुरंत पासा पलट दिया। मनोज शुक्ला ने हिमांशी से कहा— "चलो बेटा, वादा नहीं... अभी लैपटॉप लेकर आते हैं।" कांग्रेस नेता उसी वक्त छात्रा को बाजार ले गए और मौके पर ही ब्रांड न्यू लैपटॉप और मोबाइल दिला दिया। अब सोशल मीडिया पर कांग्रेस ने मंत्री सारंग को जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर तंज: "इरादा बनाम वादा"
कांग्रेस अब दोनों वीडियो शेयर कर बीजेपी पर चुटकी ले रही है। पार्टी का कहना है कि: "भाजपा के पास सिर्फ खोखले वादे और वीडियो शूट करने की फुर्सत है, जबकि कांग्रेस के पास जनता की जरूरतों को पूरा करने का नेक इरादा।"
इस घटना ने यह भी साफ कर दिया कि चुनाव कोई भी हो, नेताओं के बीच 'क्रेडिट' लेने की जंग कभी खत्म नहीं होती। जहाँ एक तरफ मंत्रीजी 'प्रक्रिया' और 'भरोसे' की बात कर रहे थे, वहीं कांग्रेस ने 'तुरंत दान, महा कल्याण' वाला दांव खेलकर बाजी मार ली।