भोपाल।
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह एक बार फिर से पद यात्रा करेंगे। इस बार उनकी पद यात्रा अयोध्या में राम मंदिर में कथित चंदा चोरी को लेकर है। पूर्व सीएम ने घोषणा करते हुए कहा कि यह यात्रा पूरी तरह से गैर राजनीतिक होगी। इस यात्रा में किसी भी पार्टी का झंडा नहीं होगा। जिन लोगों की और जिन पार्टियों की आस्था राम में है वह लोग इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं।
2 अक्टूर से शुरू होगी यात्रा
शुक्रवार को दिग्विजय सिंह ने भोपाल में मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि तक करीब 1000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। हालांकि उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में यह जानकारी नहीं दी है कि यह यात्रा कितने दिनों की होगी। दिग्विजय सिंह की उम्र अभी 79 साल है। ऐसे में उनके यात्रा करने की घोषणा ने एक बार फिर से सियासत तेज कर दी हैं।
गैर-राजनीतिक होगी दिग्विजय सिंह की यात्रा
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यह पदयात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। इसमें कांग्रेस का प्रचार नहीं होगा और वे यात्रा के दौरान फेसबुक, ट्विटर समेत किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं करेंगे। दिग्विजय सिंह ने कहा था कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1.11 लाख रुपये का चंदा दिया था। उनके पास आज भी चंदे की रसीद और चेक की प्रति सुरक्षित है।
महाकाल मंदिर में बने गेस्ट हाउस पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आरएसएस और वीएचपी की आर्थिक पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र की कीमती जमीन पर आरएसएस से जुड़े ट्रस्ट ने गेस्ट हाउस बनाया। अब वहां 100 कमरों का होटल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वहां ठहरने वालों को वीआईपी दर्शन की सुविधा मिलती है और चंदे के उपयोग की भी जांच होनी चाहिए।