भोपाल। 
प्रधानमंत्री मोदी की पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील का मप्र में सत्ता और संगठन में व्यापक असर दिखाई दे रहा है। अपील नहीं मानने वाले नेताओं पर मप्र में कार्रवाई भी शुरू हो गई है। साथ ही कार्रवाई पर विवाद भी शुरू हो गया है। गुरुवार को मप्र भाजपा ने जैसे ही भिंड किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष सज्जन सिंह की नियुक्ति निरस्त की। उसके थोड़ी देर बाद सरकार ने मप्र पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह के सभी अधिकार छीन लिए। एक ही मामले में की गई अलग-अलग कार्रवाई पर भाजपा के भीतर ही घमासान मचा है।
गुरुवार को काफिला निकालने पर दोनों नेताओं पर की गई कार्रवाई के बाद भाजपा में अंदरखाने विरोध शुरू हो गया है। क्योंकि निगम, मंडल एवं आयोगों में नियुक्ति पाने वाले अन्य नेताओं पर भी कार्रवाई की मांग उठ रही है। क्योंकि उन्होंने भी काफिले निकाले। नियुक्ति पाने वाले नेताओं के विरोधी भाजपा नेतृत्व के बाद काफिले से जुड़े वीडियो पहुंचा रहे हैं। फिलहाल मप्र भाजपा संगठन ने पूरे मामले में चुप्पी साध ली है। विरोध को शांत करने में जुटा है।
इन नेताओं पर अलग-अलग कार्रवाई
सज्जन सिंह यादव:
पिछले महीने भिंड किसान मोर्चा का अध्यक्ष नियुक्त किए गए सज्जन सिंह यादव को पदभार संभालने से पहले ही हटा दिया है। वे बुधवार को ग्वालियर से वाहनों के काफिले के साथ भिंड पहुंचे। मामला प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचा तो उन्हें पद से हटा दिया गया। मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा ने बताया कि प्रदेशाध्यक्ष के निर्देश पर हटाया है। सौभाग्य सिंह: मप्र पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष का पदभार संभालने के लिए सौभाग्य सिंह ठाकुर करीब 700 गाडिय़ों का काफिला लेकर उज्जैन से भोपाल आए। काफिले की वजह से उज्जैन-भोपाल के बीच घंटों जाम लगा रहा। काफिले के फोटो मीडिया में सुर्खियां बने। गुरुवार को सरकार ने आदेश जारी कर सौभाग्य सिंह के अधिकार छीन लिए। उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इन नेताओं पर कार्रवाई नहीं
प्रीतम सिंह लोधी:
शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी 12 मई को 200 गाडिय़ों के काफिले के साथ करैरा के बगीचा सरकार मंदिर पहुंचे। लोधी का काफिला भी चर्चा में आया, लेकिन भाजपा संगठन ने लोधी पर कोई कार्रवाई नहीं की। 
रेखा यादव: मप्र महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने छतरपुर में सैकड़ों गाडिय़ों का काफिला निकाला। शहर में जाम की स्थिति बनी। यादव की नियुक्ति का विरोध करने वाला भाजपा का एक गुट काफिला निकालने पर सवाल उठा रहा है।
टिकेंद्र प्रताप सिंह: पीएम मोदी की अपील के बाद 12 मई को देवास भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष टिकेंद्र काफिले के साथ पदभार संभालने जिला कार्यालय पहुंचे। कई गांवों से काफिला गुजरा और देवास पहुंचा।
पवन पाटीदार: भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार चंबल के दौरे पर कई वाहनों के साथ घूमे। पाटीदार थार में सवार होकर ग्वालियर में वाहनों के काफिले के साथ स्वागत कराते रहे।
ये ई-रिक्शा से निकले, लेकिन पीछे काफिला चला
सत्येंद्र भूषण सिंह
: मप्र लघु उद्योग निगम के अध्यक्ष सत्येंद्र भूषण सिंह भी ई-रिक्शा में बैठकर पदभार ग्रहण करने पहुंचे थे। इनके पीछे भी समर्थक वाहनों के काफिला लेकर चल रहे थे।
वीरेंद्र गोयल: सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नवनियुक्त अध्यक्ष वीरेंद्र गोयल 14 मई को ई-रिक्शा में बैठकर पदभार संभालने पहुंचे। हालांकि उनके पीछे गाडिय़ों का काफिला चलता रहा। मप्र कांगे्रस ने आगे ई-रिक्शा और पीछे काफिले पर सवाल उठाए।
राकेश सिंह जादौन: मप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के उपाध्यक्ष राकेश सिंह जादौन भी ई-रिक्शा से भाजपा कार्यालय पहुंचे। इनके पीछे भ्ीा काफिला चला। हालांकि उन्होंने इसकी जानकारी होने से इंकार किया है।
सीएम ने आधा किया कारकेट, मंत्रियों ने त्यागा
पीएम की अपील गे बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कारकेट में वाहन आधे कर दिए हैं। दोनों डिप्टी सीएम सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों ने कारकेट त्याग दिया है। मंत्री गौतम टेटवाल का बस से सफर करते वीडियो सामने आया है। मुख्यमंत्री गुरुवार को दिल्ली प्रवास के दौरान वाहन छोडक़र मेट्रो से चले। सरकार के अन्य मंत्री भी सिर्फ एक ही वाहन से निकल रहे हैं।