भोपाल।
साल 2027 की जनगणना के पहले चरण यानी 'हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन्स' का काम शुरू हो गया है। इस दौरान जनगणना कर्मचारी आपके घर आकर जानकारी जुटाएंगे। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जनगणना के दौरान पूछे गए सवालों का जवाब देना हर नागरिक की कानूनी जिम्मेदारी है। अगर कोई जानबूझकर गलत जानकारी देता है या टीम को सहयोग नहीं करता, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
30 मई तक चलेगी पहले चरण की प्रक्रिया
भोपाल जिले में इस काम के लिए करीब 6,000 से ज्यादा कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी इस महीने से लेकर 30 मई तक घर-घर जाकर डेटा इकट्ठा करेंगे। इस पहले फेज में मुख्य रूप से मकानों की लिस्टिंग और उनसे जुड़ी बुनियादी जानकारी ली जाएगी। आपको बता दें कि कुल मिलाकर 33 सामान्य सवाल पूछे जाएंगे, जिनका जवाब देना अनिवार्य है।
नियम तोड़ने पर जेल और जुर्माना दोनों
जनगणना नियमों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सवालों के जवाब देने से मना करता है, गलत तथ्य बताता है या किसी कॉलोनी/कैंपस में कर्मचारी को घुसने से रोकता है, तो उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, कुछ मामलों में सजा का प्रावधान और भी कड़ा है।
तीन साल की कैद भी हो सकती है
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जनगणना नियमों का उल्लंघन करने पर सिर्फ जुर्माना ही नहीं, बल्कि 3 साल तक की जेल भी हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति जनगणना दफ्तर में अनधिकृत तरीके से घुसता है, तो उस पर जुर्माना और सजा दोनों की तलवार लटक सकती है।
सांस्कृतिक परंपराओं का रखा जाएगा ध्यान
नियम कड़े जरूर हैं, लेकिन भारत की सांस्कृतिक विविधताओं का इसमें पूरा ख्याल रखा गया है। अगर किसी परिवार की परंपरा में महिला सदस्य या पति का नाम लेना वर्जित है, तो उन्हें नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थितियों में प्रशासन छूट देगा।
आपकी जानकारी रहेगी पूरी तरह सुरक्षित
अक्सर लोगों के मन में डर होता है कि उनकी निजी जानकारी का गलत इस्तेमाल हो सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना में दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। इस डेटा को किसी भी दीवानी या आपराधिक कोर्ट में सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। यहां तक कि किसी को भी जनगणना से जुड़े रजिस्टर या रिकॉर्ड देखने की अनुमति नहीं होती है।
कब होगी जातिगत जनगणना?
भोपाल के लोग यह जानने को भी उत्सुक हैं कि जातिगत आंकड़े कब लिए जाएंगे। बता दें कि जाति की गणना जनगणना 2027 के दूसरे और अंतिम चरण में होगी। यह काम फरवरी 2027 में किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन का पूरा जोर पहले चरण को शांतिपूर्वक पूरा करने पर है।