उमा भारती की दो टूक: 'आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता', सरकारी स्कूलों को लेकर रखी बड़ी शर्त
भोपाल।
राजधानी भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित राजा हिरदेशाह लोधी की शौर्य यात्रा में पूर्व सीएम उमा भारती ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा–देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है। उमा भारती ने कहा, जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी। जब देश के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के परिवार भी सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे, तब शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों में वास्तविक समानता आएगी। इस दौरान उमा भारती का ढाल-तलवार भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे, पिछोर विधायक प्रीतम लोधी, बंडा विधायक विरेंद्र सिंह लमबरदार, बड़ा मलहरा विधायक राम सिया भारती, बरगी विधायक नीरज सिंह ठाकुर, लोधी लोढ़ा महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल और राजा हिरदेशाह के वंशज कौशलेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में लोधी-लोधा समाज के लोग मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा कि राजा हिरदे शाह के लड़ने का तरीका वही था, जो शिवाजी महाराज का था। बुंदेलखंड की धरती पर एक लोधी खंड है। आजादी की जो पहली फूंक पड़ी थी, उसकी पूर्णाहुति 1947 में हुई। राजा हिरदे शाह ने पूरे हवन की तैयारी की, जबकि उसकी पूर्णाहुति का श्रेय गांधी जी, सुभाष चंद्र बोस और भगत सिंह को मिला।
'अंग्रेज तो चले गए, लेकिन कुछ ‘काले अंग्रेज’ छोड़ गए'
उमा ने कहा- अब मैं आजादी की दूसरी लड़ाई के बारे में बताती हूं। जब मोदी जी ने 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तो एक अमेरिकी अखबार के एडिटर ने लिखा कि 1947 में भारत की भूमि आजाद हुई थी, अब भारत का मूल आजाद हो गया। अंग्रेज तो चले गए, लेकिन कुछ ‘काले अंग्रेज’ छोड़ गए। हम मॉडर्नाइज हो रहे हैं, लेकिन वेस्टर्नाइज़ नहीं हो रहे। जनसंघ के बाद जब भाजपा बनी, तो इसे पिछड़ा-विरोधी पार्टी कहा जाता था। पहली बार ऐसा हुआ जब एक व्यक्ति ने राम मंदिर के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी और दूसरे व्यक्ति ने तिरंगे के लिए अपनी कुर्सी छोड़ दी। इसके बाद एक समुदाय ने इस भ्रम को तोड़ दिया कि भाजपा पिछड़ा-विरोधी पार्टी है।
सीएम भी होंगे शामिल
पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल के भाई और लोधी-लोधा समाज के प्रदेश अध्यक्ष जालम सिंह पटेल ने बताया कि इस कार्यक्रम में राजा हिरदेशाह के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले गौंड राजाओं और बुन्देला विद्रोह के बारे में आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणास्पद जानकारी मिलेगी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सीएम डॉ. मोहन यादव संबोधन देंगे। पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल मुख्य वक्ता होंगे।

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