बागेश्वर धाम के खजाने में अब बरसेगा 'विदेशी' धन, केंद्र सरकार ने दी बड़ी मंजूरी
भोपाल ।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लिए अच्छी खबर हैं। भारत में तो बड़ी संख्या में उनके अनुयायी हैं। वहीं, विदेशों में भी बाबा की बहुत प्रसिद्धि हैं। इन दिनों वह ऑस्ट्रेलिया में हैं। मगर बाबा की संस्था विदेशों से दान नहीं ले सकती थी। अब केंद्र सरकार ने विदेशी दान को लेकर उनकी संस्था को मंजूरी दे दी है। यह मंजूरी उनकी संस्था के लिए फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट के तहत मिली है।
विदेशी भक्त अब दे सकेंगे दान
दरअसल, अभी यह नियम था कि विदेशी चंदा के लिए सरकार से अनुमति लेनी पड़ती थी। अब यह अनुमित लेने की जरूरत नहीं है। विदेशी भक्त उनकी संस्था के खाते में सीधे दान की राशि डाल सकते हैं। इस धार्मिक संस्था का नाम बागेश्वर जन सेवा समिति गड़ा में स्थित है। यह संस्था सामाजिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में काम करती है। बागेश्वर धाम प्रबंधन विदेशी फंड का उपयोग सभी कामों के लिए किया जा सकेगा।
विदेशी दान का रखना होगा हिसाब
वहीं, विदेशों से मिलने वाली राशि का हिसाब संस्था को रखना होगा। साथ ही यह भी बताना होगा कि उन पैसों को कहां खर्च किया गया। इसकी जानकारी केंद्र की सरकार को देनी होती है। साथ ही दान की यह राशि एक ही खाते में आएगी।
15 एनजीओ को मिली है अनुमति
गौरतलब है कि 15 अप्रैल को 38 एनजीओ को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन दिया गया है। ये संस्थाएं विदेशों से दान ले सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें पश्चिम बंगाल के बोलपुर, बिहार के पूर्णिया में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, कर्नाटक के धर्मस्थल द इंस्टीट्यूशन और यूपी के आगरा में राधा स्वामी सस्संग शामिल हैं।
पांच साल तक वैध होता है यह रजिस्ट्रेशन
एफसीआरए रजिस्ट्रेशन पांच साल के लिए वैध होता है। इसके बाद इसे रिन्यू करवाने के लिए एनजीओ को फिर से आवेदन करना होता है। वहीं, 2015 से अब तक 18000 से ज्यादा एनजीओ को एफसीआरए रजिस्ट्रेशन रद्द किए जा चुके हैं।

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