MP की सियासत में 'हाई-वोल्टेज' ड्रामा: बजट सत्र खत्म होते ही दिल्ली बुलाए गए कैलाश, शाह के साथ लंबी मंत्रणा
भोपाल।
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पिछले काफी समय से अपने बयानों के लिए चर्चाओं में है। इन्ही बयानों की वजह से वो खुद तो मुश्किल में है, पार्टी को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र जैसे ही शुक्रवार को समाप्त हुआ तो शनिवार को कैलाश विजयवर्गीय को दिल्ली से बुलावा आ गया। सूत्रों का कहना है,विजयवर्गीय शुक्रवार को इंदौर में एक कार्यक्रम में मौजूद थे, तभी उन्हें गृहमंत्री शाह के कार्यालय से फोन आया। उन्हें शनिवार को दिल्ली आने के लिए कहा गया। इसके बाद वे रात की फ्लाइट से ही दिल्ली रवाना हो गए।
अमित शाह से हुई लंबी मुलाकात
माना जा रहा है कि सरकार विरोधी बयानों और विवादित बोलों को लेकर कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली तलब किए गए थे। इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उनसे लंबी बात की है। माना जा रहा इस मुलाकात के दौरान कैलाश से उन सब मुद्दों के चर्चा हुई है जिससे विवाद पैदा हुए हैं। वहीं विजयवर्गीय से मिलने से पहले सीएम मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी अमित शाह से मुलाकात की है। वहीं कैलाश विजयवर्गीय को दिल्ली तलब करने पर मध्य प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है और इस मुलाकात के नतीजो पर भी कयास लगाए जा रहे हैं।
बजट सत्र में भी अपने बयानों से विवाद पैदा करते रहे कैलाश
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा सत्र में भी सरकार को कठघरे में खड़ा करने वाले कई स्टेटमेंट दिए जिससे पार्टी खुद ही असजह स्तिथि में आ गई। विरोधियों ने भी इन बयानों के काफी मजे लिए । चाहे विजयवर्गीय का मास्टर प्लान डेढ़ साल से मुख्यमंत्री के पास लंबित रहने बयान देना हो या 'औकात' जैसे शब्दों के उपयोग करके पार्टी को मुश्किल में डालना हो। बता दें कि विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से मर्यादा पार करते हुए 'औकात' में रहने तक की बात कह दी थी।

