'अरबों का इस्लाम से लेना-देना नहीं': सेवानिवृत्त अधिकारी नियाज खान ने सुन्नी देशों और अमेरिका के गठजोड़ पर उठाए सवाल
भोपाल।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच पूर्व आईएएस नियाज खान ने सोशल मीडिया पर बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। खान ने कहा कि अरब के सुन्नी देश मुस्लिम देश अमेरिका की गोद में बैठे हैं, इसलिए ईरान अरब देशों पर हमला कर रहा है। नियाज खान ने कहा कि जब अमेरिका ने इजराजल की मदद की और गाजा में लोगों को मारने में उसका साथ दिया, तब कतर अमेरिका को विमान उपहार में दे रहा था। खान ने कहा कि उनके विचार से अरबों का इस्लाम से कोई लेना-देना नहीं हैं। बता दें, नियाज खान मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वर्ष 2015 में उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नत किया गया। इससे पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। प्रमोशन के बाद उन्हें मध्य प्रदेश कैडर आवंटित हुआ। हाल ही में वे सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वे साहित्य लेखन में भी सक्रिय रहे हैं और अब तक सात उपन्यास लिख चुके हैं।
अक्सर चर्चा में रहे पूर्व आईएएस
नियाज खान अपने बयानों और लेखन को लेकर समय-समय पर सुर्खियों में रहे हैं। उनके एक उपन्यास पर वेब सीरीज आश्रम बनाई गई थी। इस प्रोजेक्ट में श्रेय नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने निर्माता पक्ष के खिलाफ अदालत में मामला भी दायर किया था। इसके अलावा उनकी पुस्तक ब्राह्मण द ग्रेट भी विवादों में रही, जिसमें उन्होंने सनातन परंपरा और ब्राह्मण समाज के बारे में सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया था। इस पुस्तक को लेकर व्यापक बहस और प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।
मध्य प्रदेश के कई लोग युद्ध में फंसे
ईरान के कतर, जॉर्डन, दुबई पर भी हमला शुरू कर दिया है। इन देशों ने ऐतिहातन अपने एयरपोर्ट को बंद कर दिया है। इसके चलते भारत आने वाली कई फ्लाइट निरस्त हो गईं। इसके चलते मध्य प्रदेश के कई लोग दुबई और शारजहां में फंस गए हैं।

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