मध्य प्रदेश में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी: होली के बाद बदलेंगे भोपाल-ग्वालियर समेत कई जिलों के कलेक्टर
भोपाल।
प्रदेश में एसआईआर की कवायद पूरी होने के बाद अब जनगणना शुरू होनी है। इसको देखते प्रदेश सरकार जिलों में नए सिरे से अधिकारियों की तैनाती करना चाह रही है। कुछ जिलों में कलेक्टरों का कार्यकाल दो साल से अधिक हो चुका है। साथ ही कुछ जगह अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर हटाने की चर्चा है। इससे पहले एसआईआर और विधानसभा सत्र के चलते अधिकारियों के तबादला को लेकर सरकार निर्णय नहीं ले रही थी, लेकिन अब सरकार इसे प्राथमिकता देते हुए जल्द ही जारी कर सकती है। चर्चा है कि इस माह के दूसरे सप्ताह में सरकार तबादला सूची जारी कर सकती है। चर्चाओं के अनुसार, भोपाल, ग्वालियर, धार और शहडोल समेत कई जिलों के कलेक्टर इस फेरबदल की जद में हो सकते हैं। 2010 बैच के आईएएस अधिकारी और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सेक्रेटरी रैंक में आ गए हैं, उनको मंत्रालय में पदस्थ किया जा सकता है। वहीं, 2011 बैच की आईएएस और ग्वालियर कलेक्टर रूचिका चौहान अगले साल सेक्रेटरी रैंक में आ जाएंगी। इसके अलावा कई कलेक्टर अपने कार्यकाल का दो साल पूरा कर चुके हैं। साथ ही कुछ को उनके परफार्मेंस के आधार पर दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकता है।
ये कलेक्टर हो सकते हैं इधर से उधर
जानकारी के अनुसार धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, शहडोल कलेक्टर केदार सिंह, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल सिंह और नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना को इधर से उधर किया जा सकता है। वहीं, मोहन सरकार लंबे समय से जमे अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के सत्यापन के बाद अधिकारियों को हटा कर उनकी जगह युवा और नए अधिकारियों को जिलों की कमान सौंप सकती है।

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