भोपाल। 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में राज्य सरकार अपनी पहली 'कृषि कैबिनेट' बैठक का आयोजन कर रही है। दो मार्च को जनजातीय बाहुल्य जिले बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में यह बैठक होगी। सरकार का उद्देश्य कृषि संबंधी नीतियों को सचिवालय के बंद कमरों से बाहर निकालकर सीधे किसानों के बीच ले जाना है। इस बैठक के केंद्र में निमाड़ अंचल के साथ-साथ प्रदेश के किसान और जनजातीय वर्ग होगा। आदिवासी बाहुल्य जिलों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, उन्नत बीजों की उपलब्धता, कृषि उत्पादों के लिए बेहतर बाजार और किसानों की आय दोगुनी करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए जाएंगे। बैठक में मसाला फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए एक नई योजना पर चर्चा और निर्णय हो सकता है। पशुपालन को आधुनिक बनाने के लिए किसानों को विदेश में विशेष प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। किसानों के खातों को 'समग्र आईडी' से लिंक करने पर निर्णय लिया जा सकता है, ताकि कृषि संबंधी सभी जानकारियां सीधे उनके मोबाइल ऐप पर मिल सकें।
नागलवाड़ी को ही क्यों चुना गया?
प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। सरकार किसानों के बीच जाकर काम कर रही है। लगभग ढाई हजार की जनसंख्या वाला ग्राम नागलवाड़ी जनजातीय बहुल ग्राम है। बैठक लिए नागलवाड़ी का चयन करने के प्रमुख कारणों में पहला निमाड़ अंचल का यह इलाका कृषि गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है। साथ ही इस क्षेत्र के आसपास के बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और अलीराजपुर जिले आदिवासी बाहुल्य है। मालवा-निमाड़ में 800 साल पुराना भीलट देव मंदिर जनजातीय समाज के लिए अत्यंत श्रद्धा का केंद्र है और यहीं स्थित है। पूरा मोहन मंत्रिमंडल मंदिर में दर्शन करेगा। 
सीएम करेंगे किसानों के साथ संवाद 
राज्य मंत्रिमंडल सोमवार को पूरा दिन नागलवाड़ी में रहेगा, जहां कृषि कैबिनेट समेत प्रबुद्धजन एवं किसानों के साथ संवाद होगा और कृषि एवं जनजातीय कल्याण पर केंद्रित प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। किसानों को सरकार के उनके लिए किए जा रहे कामों को गिना जाएगा। वहीं, सीएम कैबिनेट सदस्यों के साथ जनजातीय समाज के जुलवानिया में आयोजित भगोरिया उत्सव में भी शामिल होंगे। सभी कार्यक्रमों में जनजातीय परम्परा की स्पष्ट झलक दिखाई देगी।
अमाड़ी की भाजी, कोदो का पुलाव परोसा जाएगा 
निमाड़ के व्यंजनों में निमाड़ के जायका यानी निमाड़ी मिर्च का खास मिश्रण होगा। निमाड़ के व्यंजनों में मुख्य रूप से अमाड़ी की भाजी के साथ मक्के की रोटी होगी। इसके साथ ही यहां का विशेष दाल पानिये व छाछ की ठंडक का प्रबंध किया जा रहा है। इसके अलावा खास निमाड़ की मिर्च के भजिये भी शामिल है। वहीं, श्रीअन्न में कोदो का पुलाव और रागी की बालू शाही विशेष रूप से भोजन में सात्विक तौर पर शामिल है। 
निमाड़ी संस्कृतिक की प्रदर्शनी होगी आकर्षक  
कैबिनेट की तैयारियां भी निमाड़ी ठाठ में नजर आएगी। यहां निमाड़ के लोकरंग के रूप में कैबिनेट स्थल को तैयार किया जा रहा है। नागलवाड़ी मंदिर शिखर के नीचे पार्क में डोम को निमाड़ में घरों की शैली के अनुरूप संजाया गया है। निमाड़ के घरों की शैली में डोम की मुंडेर नजर आएगी। साथ ही निमाड़ की खेती किसानी के तौर तरीके के अनुरूप प्रदर्शनी बनाई गई है। साथ ही निमाड़ के वाद्य यंत्र ढोल मांदल व लोकजीवन के रंगों में बनाया जा रहा है।  
पैगोडा, हट और डोम में होंगे इंतजाम
कृषि कैबिनेट के लिए की जा रही तैयारियों में पैगोडा, हट और डोम है। इसी में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएगी। कुल 5 डोम है। इसमें एक में कृषि व जनजाति विभाग की प्रदर्शनियां, एक डोम में ग्रीन रूम्स, एक में कैबिनेट,एक में भोजन शाला और एक डोम में मीडिया ब्रीफिंग की व्यवस्थाएं सुनिश्चित होगी। इसके अलावा 12 से अधिक पैगोडा बनाए जा रहे है। इसमें रिसेप्शन, कंट्रोल रूम, वेटिंग एरिया आदि शामिल है।