भोपाल। 
मध्य प्रदेश विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान सोमवार को जबरदस्त सियासी 'शोले' भड़के। बहस उस समय व्यक्तिगत और फिल्मी हो गई जब कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह ने पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल समेत अग्रिम पंक्ति के मंत्रियों की तुलना फिल्म 'शोले' के ‘ठाकुर' से कर दी। राजेंद्र सिंह ने कटाक्ष किया कि प्रहलाद पटेल की हालत वैसी ही है जैसे ‘आसमान से टपके और खजूर पर अटके'। इसका करारा जवाब देते हुए प्रहलाद पटेल ने कहा- "हाथ कटे हैं, लेकिन पैर बचे हैं। मुझे प्रसन्नता है कि मैं वह अकेला आदमी रहूंगा जो 108 नदियों के उद्गम स्थल तक जा सकेगा।’
विजयव​र्गीय पर भी तंज- शेर दहाड़ नहीं पा रहा
अनुदान मांगों पर चर्चा शुरू करते हुए भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मप्र पीएम आवास बनाने में पहले, गेहूं उत्पादन में दूसरे नंबर का राज्य है। दुग्ध उत्पादन में नंबर वन है।
कांग्रेस के भंवर सिंह शेखावत ने तंज कसा कि 21 साल से तो आपकी ही सरकार है, ये गुंडे किसके पाले हुए थे। मोहन सरकार आने पर अब जाकर कार्रवाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कमिश्नर सिस्टम मप्र में फैल रहा है, पुलिस अनियंत्रित हो गई है।
इसके पहले शेखावत ने कैलाश विजयवर्गीय को लेकर कहा कि हमारा शेर दहाड़ नहीं पा रहा है। इंदौर सूना हो गया है।
मंत्री परमार बोले- बरैया भड़काने वाले बयान देते हैं, बरैया ने जवाब दिया- आप बड़े उपदेश देते हैं...
अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बीच भी तीखी भिड़ंत हुई। बरैया ने कहा कि भाजपा दावा करती है कि उनकी सरकार में बेटियां कलेक्टर बनीं, जबकि यह संविधान के कारण संभव हुआ।
इस पर मंत्री परमार ने कहा कि बरैया हमेशा भड़काने वाले बयान देते हैं। इस पर बरैया ने पलटवार किया- “आप बड़े उपदेश देते हो।” बरैया ने जनसंघ पर टिप्पणी की, जिसे सभापति ने रिकॉर्ड से विलोपित कर दिया। प्रहलाद पटेल ने भी टोका कि जिस समय का बरैया जिक्र कर रहे हैं, तब जनसंघ बना भी नहीं था।