सीएम ने मांगी माफी, लेकिन विजयवर्गीय बेपरवाह! बोले– “कप्तान हैं सीएम… माफी मांग ली तो क्या हो गया यार”
भोपाल।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहने” की हिदायत देकर विवादों में आए संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के तेवर अब भी ढीले पड़ते नजर नहीं आ रहे। सदन में हंगामे के बाद जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने माफी मांगकर मामला शांत करने की कोशिश की, वहीं विजयवर्गीय ने मीडिया के सामने पूरे प्रकरण को बेहद हल्के अंदाज़ में लिया। मीडिया से बातचीत में विजयवर्गीय ने कहा, “कई बार हो जाता है यार… बहुत सामान्य सी बात है। उनका भी एक अंदाज़ है यार… कभी-कभी गुस्सा आ जाता है। जब उनसे पूछा गया कि मुख्यमंत्री ने माफी मांगी, तो क्या यह मामला गंभीर था? इस पर उन्होंने कहा, “कप्तान हैं मुख्यमंत्री… मुख्यमंत्री ने यदि माफी मांग ली तो क्या हो गया यार…” एक सवाल यह भी दागा गया कि क्या पिछले डेढ़ महीने से उनकी जुबान पर ‘शनि’ बैठा है? इस पर विजयवर्गीय ने हंसते हुए जवाब दिया, “किसी ज्योतिष से पूछूंगा यार। विजयवर्गीय के इन बयानों ने सियासी हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। विपक्ष इसे अहंकार बता रहा है, तो सत्ता पक्ष इसे सामान्य राजनीतिक तकरार करार दे रहा है।
अध्यक्ष की नसीहत, मंत्री का खेद
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा-गुस्सा दिखना चाहिए, आना नहीं चाहिए। विवाद बढ़ने पर विजयवर्गीय ने कहा कि वे अपने व्यवहार से प्रसन्न नहीं हैं और दुख व्यक्त किया। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इसे पर्याप्त बताया, लेकिन कांग्रेस ने स्पष्ट माफी की मांग रखी। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा- जाने-अनजाने में कोई शब्द निकले हों तो मैं माफी मांगता हूं। इसके बाद उमंग सिंघार ने भी खेद जताया और सदन की स्थिति सामान्य हुई।
मुख्यमंत्री ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार- विजयवर्गीय
विवाद थमा जरूर, लेकिन बयानबाजी जारी रही। मीडिया से बात करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, कई बार हो जाता है यार। यह बहुत सामान्य सी बात है। जो वह कह रहे हैं तो उनका एक अपना अंदाज है यार। कभी-कभी गुस्सा आ जाता है यार। मुख्यमंत्री की माफी पर उन्होंने कहा, कप्तान हैं मुख्यमंत्री… मुख्यमंत्री ने माफी मांगी तो क्या हो गया यार।
विजयवर्गीय उम्रदराज, अब पहलवानी नहीं करनी चाहिए- सिंघार
उधर उमंग सिंघार ने पलटवार करते हुए कहा कि विजयवर्गीय उम्रदराज हो चुके हैं, उन्हें अब पहलवानी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा- जब अदाणी की हो रही थी तो मिर्ची क्यों लग रही थी। सदन में जो मुद्दा उठाया गया, वह तथ्यों के आधार पर था। बिना प्रमाण के कोई बात नहीं करता हूं।
सिंघार ने आरोप लगाया कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश हो रही है। भागीरथपुरा मामले में हुई मृत्यु और सिस्टम की कथित विफलताओं पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन उसे डाइवर्ट करने का प्रयास किया गया। जब कोई वरिष्ठ मंत्री इस प्रकार की भाषा का उपयोग करते हैं, तो उनकी मानसिक स्थिति और राजनीतिक सोच का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सड़क पर गूंजा विरोध, मंत्री का फूंका पुतला
मंत्री की टिप्पणी से भड़के यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिवाजी नगर में पुतला दहन किया। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 35 सरकारी हत्याओं के जिम्मेदार, आपराधिक मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष को “औकात में रहो” कहा है। इसे उन्होंने सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा बताया। पटवारी ने कहा कि मंत्री ने प्रदेश की 8 करोड़ जनता को औकात की गाली दी है। यह नरेंद्र मोदी के नए भारत का नया परिचय है। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेशभर में नरेंद्र मोदी और कैलाश विजयवर्गीय के पुतले जलाकर कांग्रेस विरोध दर्ज कराएगी।

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