भोपाल। 
संघ भी भोपाल के बूचड़खाने में गायों की कटाई से नाराज है। हालांकि संघ का खुलकर कोई विरोध सामने नहीं आया है। इतना जरूर है कि गायों की कटाई के मुद्दे पर सत्ता और संगठन पर भोपाल महापौर समेत नगर निगम एवं जिला प्रशासन में बड़ी सर्जरी का दबाव बढ़ गया है। गायों की कटाई के मामले में नगर निगम महापौर श्रीमती मालती राय समेत अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ भाजपा में ही विरोध शुरू हो गया है। पार्टी सूत्र बताते हैं कि भोपाल भाजपा का एक गुट गायों के मुद्दे को तूल दे रहा है। हालांकि इस मामले में कांग्रेस विरोध की खानापूर्ति तक सीमित दिखाई दे रहा है। महापौर मालती राय एवं निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी समेत परिषद सदस्यों से भी इस्तीफा मांगा जा रहा है। क्योंकि नगर निगम का बूचड़खाना वर्तमन परिषद द्वारा ही ठेकेपर दिया गया था। जिसकी नगरानी की जिम्मेदारी महापौर परिषद की है। हिंदू संगठनों का कहना है कि इस पाप के लिए कोई माफी नहीं है। वहीं दूसरी ओर इंदौर में भी 23 मौतों के बाद लोग नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। कांग्रेस निगम परिषद के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है।
घटना पर भाजपा की चुप्पी !
घटना पर मप्र भाजपा ने पूरी तरह से चुप्पी साध ली है। भाजपा के जो नेता पश्चिल बंगाल समेत दूसरे गैर भाजपा शासित राज्यों में गायों की मौत पर सनावत विरोधी सरकार के आरोप लगाते थे, वे अब भोपाल की घटना पर मौन है। किसी भी बड़े नेता ने इस पर मुंह नहीं खोला। यहां तक कि इस मुद्दे पर मप्र भाजपा के प्रवक्ताओं को चुप रहने की नसीहत दी गई है।