गोविंद–भूपेंद्र सिंह विवाद पर हेमंत बोले—मनमुटाव से पार्टी को नुकसान
भोपाल।
मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बने हेमंत खंडेलवाल को छह महीने पूरे होने वाले हैं। इस अवधि में उन्होंने संगठन से लेकर सरकार तक अनुशासन, बयानबाजी पर नियंत्रण, गुटबाजी पर रोक और बोर्ड-निगम नियुक्तियों जैसे मुद्दों पर स्पष्ट संदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन सर्वोपरि है और ‘दाएं-बाएं’ चलने की गुंजाइश नहीं है। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत अनुशासन होता है। नेता हों या कार्यकर्ता, सभी पार्टी के अनुशासन के अधीन हैं। छोटी गलती पर कठोर कार्रवाई जरूरी नहीं होती, कई बार समझाइश और चेतावनी दी जाती है। लेकिन यदि कोई बार-बार अनुशासन तोड़ता है और स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती है, तो पार्टी को सख्त निर्णय लेने पड़ते हैं। बयानबाजी को लेकर उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियों या विषय की सही समझ न होने से गलतियां हो जाती हैं। पार्टी का प्रयास रहता है कि ऐसी स्थितियां न बनें, लेकिन यदि कोई बयान संगठन या पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला होता है, तो उसकी गंभीरता के अनुसार कार्रवाई की जाती है। सागर में भूपेंद्र सिंह और गोविंद सिंह के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव पर हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि कार्यकर्ताओं के बीच मनमुटाव केवल व्यक्तिगत नुकसान नहीं करता, बल्कि पार्टी, विचारधारा और क्षेत्र के विकास को भी प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि उनका प्रयास सिर्फ सागर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जहां भी मतभेद दिखते हैं, वहां संवाद के जरिए दूरी कम करने और एकजुटता बढ़ाने का है। उनका मानना है कि चुनावी मैदान में संगठन की एकता ही सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बोर्ड-निगमों को लेकर चर्चा पूरी हो चुकी है और जल्द ही नियुक्तियां की जाएंगी।

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