एमपी में हर दिन सड़क हादसे में 41 लोगों की जाती है जान, राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दी जानकारी
भोपाल।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में खुलासा किया है कि मध्य प्रदेश में हर दिन सड़क हादसों में 41 लोगों की मौत हो जाती है। यह देश में चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा है, जो उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के बाद आता है। चिंताजनक बात यह है कि हेलमेट न पहनने या सीटबेल्ट न बांधने के कारण होने वाली मौतों के मामले में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। 2024 में, राज्य में ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली मौतों में भी यह तीसरे स्थान पर रहा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यातायात प्रबंधन और नियमों का पालन करवाना राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है, जबकि केंद्र मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत नियम बनाता है।
2024 में कुल 14,791 मौतें
मध्य प्रदेश में 2024 में कुल 14,791 सड़क हादसे हुए। इनमें से 6,541 लोगों की मौत हेलमेट न पहनने के कारण हुई, जबकि 1,929 लोगों ने सीटबेल्ट न बांधने की वजह से जान गंवाई। हेलमेट के नियम का उल्लंघन करने से होने वाली मौतों में मध्य प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा। तमिलनाडु में ऐसे 7,744 मौतें हुईं। ओवर-स्पीडिंग के कारण होने वाली मौतों में भी मध्य प्रदेश तीसरे स्थान पर रहा, जहां 11,970 लोगों की जान गई। तमिलनाडु में 12,240 और उत्तर प्रदेश में 12,010 मौतें ओवर-स्पीडिंग के कारण हुईं।
एमपी में बढ़ रहे आंकड़े
पूरे देश में 2020 में 45,266 सड़क हादसे हुए थे, जिनमें 11,141 लोगों की जान अकेले एमपी में गई थी। चार साल बाद, 2024 में हादसों की संख्या बढ़कर 56,669 हो गई और मौतों का आंकड़ा 14,791 तक पहुंच गया। पिछले चार सालों में सड़क हादसों की संख्या में 11,500 की वृद्धि हुई है, जबकि मौतों की संख्या में 3,650 का इजाफा हुआ है। यह सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा करता है।
एमपी चौथे स्थान पर रहा
कुल मिलाकर सड़क हादसों में होने वाली मौतों के मामले में मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश में 24,118 मौतें हुईं, तमिलनाडु में 18,449 और महाराष्ट्र में 15,715 मौतें हुईं। हेलमेट नियम के उल्लंघन से होने वाली मौतों में तमिलनाडु पहले स्थान पर था, लेकिन सीटबेल्ट न बांधने से होने वाली मौतों में मध्य प्रदेश से काफी पीछे रहा। तमिलनाडु में सीटबेल्ट न बांधने से केवल 469 मौतें हुईं। उत्तर प्रदेश में हेलमेट न पहनने से 4,938 मौतें हुईं, जो मध्य प्रदेश से कम हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि लोग जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और नियमों का पालन कराने में भी ढिलाई बरती जा रही है। इन चिंताओं को देखते हुए, केंद्र सरकार ने सभी राष्ट्रीय राजमार्गों (NH) के डिजाइन, निर्माण और उद्घाटन से पहले नियमित सुरक्षा ऑडिट कराने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। साथ ही, मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा ताकि लोगों की जान सुरक्षित रहे।

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