MP में SIR गणना पूरी: प्रदेश में 42,74,160 मतदाता नहीं मिले, प्रारूप सूची जारी; दावा-आपत्ति का ये है समय
भोपाल।
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मध्य प्रदेश में संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतर्गत गणना चरण के प्रमुख निष्कर्ष सामने आ गए हैं। यह चरण 4 नवंबर 2025 से 18 दिसंबर 2025 तक चला, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और समावेशी बनाना है। प्रदेश में 42 लाख 74 हजार 160 मतदाता नहीं मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 5 करोड़ 74 लाख 6 हजार 143 निर्वाचकों में से 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 निर्वाचकों ने अपने गणना प्रपत्र जमा किए हैं। यह व्यापक सहभागिता राज्य के सभी 55 जिलों, 230 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO), 532 सहायक ERO (AERO) और 65,014 मतदान केंद्रों पर तैनात बूथ-स्तरीय अधिकारियों (BLOs) के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस प्रक्रिया में स्वयंसेवकों और सभी छह राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने 1.35 लाख से अधिक बूथ-स्तरीय एजेंट (BLA) नियुक्त किए।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि कुछ निर्वाचक ऐसे रहे, जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हो सके। इसके पीछे कारण रहे। निर्वाचक का अन्य राज्य में पंजीकरण, व्यक्ति का अस्तित्व में न होना, समय सीमा तक प्रपत्र जमा न करना अथवा स्वयं मतदाता का पंजीकरण में रुचि न लेना। इसके अलावा, एक से अधिक स्थानों पर नामांकित पाए गए निर्वाचकों का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।
कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे
आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी पात्र मतदाता वंचित न रहे। इसके लिए घर-घर संपर्क, विशेष शिविर, सोशल मीडिया, रेडियो प्रसारण और शहरी-ग्रामीण स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविरों के माध्यम से प्रपत्र भरने और डिजिटलीकरण में सहायता दी गई। कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों के लिए अलग से व्यवस्थाएं की गईं।

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