SIR में फिर लापरवाही! एमपी में बीएलओ नहीं कर रहे सही काम; भोपाल कलेक्टर ने एक को किया बर्खास्त
भोपाल।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 30 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान शुरू हुआ है. इस प्रक्रिया के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नामों का सत्यापन और सुधार कार्य किया जा रहा है. बीएलओ को जिम्मा दिया गया है कि वे वर्ष 2025 की मतदाता सूची के नामों को साल 2003 की पुरानी सूची से मिलान करें. लेकिन एमपी में बीएलओ की लापरवाही की खबरें सामने आ रही हैं. भोपाल में एक बार फिर लापरवाही के मामले सामने आई हैं. भोपाल कलेक्टर ने मंगलवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बीएलओ को बर्खास्त कर दिया. बताया गया कि यह कार्रवाई रात 12 बजे की गई. बर्खास्त किए गए कर्मचारी का नाम प्रशांत दुबे है, जो बर्कतुल्ला विश्वविद्यालय (BU) में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ था. उनकी ड्यूटी गोविंदपुरा के पोलिंग बूथ क्रमांक 250 पर लगाई गई थी, लेकिन ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने के कारण कलेक्टर ने यह कड़ा कदम उठाया.
हरदा जिले में 9 बीएलओ को नोटिस
इसी बीच हरदा जिले में भी SIR अभियान को लेकर लापरवाही उजागर हुई है. निर्वाचन अधिकारी ने काम में ढिलाई बरतने वाले 9 बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. इनमें नीलम दुबे, गौरीशंकर छापरे, विष्णु प्रसाद निकुम, रेखा कलम, संजय वर्मा, बालाराम वर्मा, सुशीला कुल्हारे, पार्वती राठौर और अनुसुईया श्रीवास शामिल हैं. इन सभी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत नोटिस भेजा गया है और 3 नवंबर 2025 तक लिखित जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं.
सीहोर में फॉर्म की कमी से अटका काम
वहीं सीहोर जिले में SIR अभियान के पहले ही दिन लापरवाही खुलकर सामने आई. यहां गणना प्रपत्र (फॉर्म) समय पर नहीं पहुंचने के कारण बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर सर्वे शुरू नहीं कर पाए. इस पर सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मा ने बताया कि भोपाल से जितने भी फॉर्म आए थे, उन्हें श्यामपुर क्षेत्र में भेज दिया गया है, जहां बीएलओ ने घर-घर जाकर काम शुरू कर दिया है. जैसे ही बाकी फॉर्म पहुंचेंगे, जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सर्वे शुरू किया जाएगा.
मतदाता सूची को शुद्ध बनाने का लक्ष्य
निर्वाचन आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि SIR अभियान के दौरान हर मतदाता का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा. यदि कोई व्यक्ति तय समय सीमा में फॉर्म भरकर जमा नहीं करता है, तो उसका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध बनाना है.
SIR में लापरवाही चिंता का विषय
मतदाता सूची को अपडेट और पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे इस विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में शुरुआत से ही लापरवाही सामने आना चिंता का विषय है. एक ओर जहां भोपाल कलेक्टर ने रात में ही कार्रवाई कर सख्त संदेश दिया, वहीं हरदा और सीहोर जिलों में भी जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस और चेतावनी जारी की गई है. यह स्पष्ट संकेत है कि इस बार निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन SIR अभियान को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है.

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