एमपी में SIR की शुरुआत में लापरवाही! 9 बीएलओ को कारण बताओ नोटिस, निर्वाचन अधिकारी ने लिया एक्शन
भोपाल।
मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत के साथ ही विवाद खड़ा हो गया है. हरदा जिले में काम में लापरवाही बरतने वाले 9 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. निर्वाचन अधिकारी ने साफ कहा है कि अगर समय पर जवाब नहीं दिया गया या संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला, तो सख्त कार्रवाई तय है.
मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम जारी
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर प्रदेशभर में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण 30 अक्टूबर से शुरू हुआ है. इस अभियान के तहत विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 135 हरदा में भी मतदाताओं के नामों का सत्यापन और सुधार कार्य चल रहा है. इस प्रक्रिया में बीएलओ की अहम भूमिका है, जिन्हें वर्ष 2025 की मतदाता सूची के नामों को 2003 की पुरानी सूची से मिलान कर देखने का जिम्मा सौंपा गया है.
बीएलओ की लापरवाही आई सामने
निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने जब पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा की, तो पाया कि कुछ बीएलओ ने अपने काम को गंभीरता से नहीं लिया. वे या तो घर-घर जाकर सत्यापन नहीं कर रहे थे, या फॉर्म अपडेट करने में देरी कर रहे थे. इस लापरवाही को निर्वाचन अधिकारी ने बेहद गंभीर माना, क्योंकि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की नींव मानी जाती है.
9 बीएलओ को कारण बताओ नोटिस
लापरवाही के चलते नौ बीएलओ नीलम दुबे, गौरीशंकर छापरे, विष्णु प्रसाद निकुम, रेखा कलम, संजय वर्मा, बालाराम वर्मा, सुशीला कुल्हारे, पार्वती राठौर और अनुसुईया श्रीवास को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. इन सभी को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के तहत नोटिस भेजा गया है. उन्हें 3 नवंबर 2025 तक लिखित जवाब देने का निर्देश दिया गया है.
निर्वाचन अधिकारी ने दी सख्त चेतावनी
निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कहा कि यह कार्य राष्ट्रीय महत्व का है और इसमें लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निष्ठा, तत्परता और पारदर्शिता के साथ काम करें. अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जो समय सीमा में जवाब नहीं देंगे या जिनका जवाब असंतोषजनक होगा, उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.

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